बस्ती। मौसम में बदलाव और प्रदूषण लोगों की सेहत पर असर डाल रहा है। लोगों में मानसिक, थकान, बेचैनी, सिरदर्द, आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में तकनीक बढ़ रही है। सरकारी और निजी अस्पतालों की ओपीडी में लगातार इससे संबंधित मरीज बढ़ रहे हैं। ओपीडी में सुबह से ही भीड़ लग रही है।
जिला अस्पताल की ओपीडी सुबह आठ बजे खुल जाती है, जो दोपहर दो बजे तक चलती है। यहीं समय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी का है। इन दिनों मौसम में बदलाव आ रहा है। सुबह-शाम अच्छी सर्दी हो रही है, जबकि दिन में तेज धूप निकलने से गर्मी का एहसास हो रहा। बस्ती का एक्यूआई भी 85 से 90 के बीच चल रहा है। सामान्य दिनों में 70 से 80 के बीच रहता है। बताया गया कि अभी प्रदूषण मध्यम में है।
वहीं, पराली जलाने की घटना और सर्दी व प्रदूषण बढ़ने से मरीजों की भी संख्या बढ़ रही है। अधिकतर मरीज सांस की समस्या, आंखों में जलन, गले में खराश और थकान की परेशानी बता रहे हैं। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सारिब सुहेल बताते हैं कि ओपीडी में रोजाना 100 से 120 मरीज पहुंचते हैं। आंखों में जलन की शिकायत लेकर भी मरीज पहुंच रहे।
फिजिशियन डॉ. रामजी सोनी ने बदलते मौसम में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। कहा कि मौसम के बदलने से सांस के साथ सर्दी-जुकाम और वायरल की शिकायत है। गले में खराश लिए मरीज आ रहे, जिन्हें परामर्श देकर दवाएं दी जा रही। सांस में तकलीफ वाले मरीज को भर्ती कर ऑक्सीजन दिलाया जा रहा है।
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ऐसे करें परहेज
- गला तर रखने के लिए 10 से 15 मिनट में पानी पीते रहें।
- अधिक तली-भुनी चीजों का प्रयोग कम से कम करें।
- सलाद, विटामिन सी वाले फल नींबू, संतरा जैसे फलों का सेवा बढ़ाएं।
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इनसे बचें
- धूम्रपान और शराब के सेवन से बचें, धुंआ व धूल से बचाव करें।
- अधिक तला-भुना खाने और सुबह-शाम बिना मास्क टहलने से।
- बासी और देर में पचने वाली चीजें खाने से।
- अधिक मात्रा में चाय और कॉफी लेने से बचें।
कोट
मौसमी बीमारियों को लेकर मरीज पहुंच रहे। अस्पताल में दवाएं पर्याप्त हैं। मरीजों का विशेष ध्यान रखने के लिए डॉक्टरों और कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है।
-डॉ. खालिद रिजवान अहमद, एसआईसी, जिला अस्पताल, बस्ती।