सोमवार की देर रात आई तेज आंधी और बारिश के चलते गौर थाना के केसरई गांव में एक सात वर्षीय बच्ची पेड़ के नीचे दबकर गंभीर रूप से घायल हो गई थी। उसका इलाज गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में चल रहा था। बुधवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं अपने मामा के घर घूरनापुर आया वनघुसरा का रहने वाला 14 वर्षीय गोलू आंधी तूफान के दौरान छत से गिर गया था। जिला चिकित्सालय से उसको मेडिकल कॉलेज लखनऊ रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान बुधवार को उसकी मौत हो गई।
केसरई गांव निवासी देवमणि चौधरी की सात वर्षीय पुुत्री महिमा उस समय घायल हो गई थी, जब वह घर में सो रही थी और तभी अचानक तेज आंधी और बारिश के चलते मकान पर गूलर का पेड़ गिर गया। इसके नीचे वह दब गई थी। जिला अस्पताल से उसे गोरखपुर मेडिकल कालेज रेफर किया गया था। मौत की जानकारी के बाद एसडीएम हर्रैया हरिश्चंद्र सिंह तथा लेखपाल राम लौट चौबे मौके पर पहुंच कर परिवार वालों से मिले। टिनिच प्रतिनिधि के अनुसार बनवारी के 14 वर्षीय पुत्र गोलू को छत से गिरने की वजह से सिर में गंभीर चोट लगी थी। जिला चिकित्सालय से गोलूू को मेडिकल कालेज लखनऊ रेफर किया गया था। सूचना के बाद तहसीलदार, कानूनगो तथा लेखपाल मृतक के घर पहुंचे।
महराजगंज प्रतिनिधि के मुताबिक आंधी में कप्तानगंज थाना क्षेत्र के बनहरा गांव में एक दीवार गिर गई थी जिससे एक ही परिवार के तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जबकि हर्रैया थाना क्षेत्र के बसोलिया गांव में झोपड़ी गिरने से उसके नीचे दबकर तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। अलीरजा की पत्नी 40 वर्षीय अमीना खातून अपने दो बच्चों 15 वर्षीय अरशद व 10 वर्षीय दानिश के साथ छप्पर के मकान में सोई थीं। इसी दौरान तेज आंधी के चलते झोपड़ी के एक ओर की दीवार ढह गई, जिसकी चपेट में आने से तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को ग्रामीणों ने दीवार के नीचे से बाहर निकाला।
वहीं गौरा गांव में 50 वर्षीय दयाराम की झोपड़ी गिर गई जिसमें वे घायल हो गए। हर्रैया थाना क्षेत्र के बसोलिया गांव में छत पर सो रहे 12 वर्षीय अभिषेक कुमार व रामगोपाल आंधी आने के बाद छत से उतरने लगे। हवा के झोंके से वे नीचे आ गए। उन्हें चोट लगी है। सभी को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।