बस्ती। प्रदेश में ग्रामीण आवासीय स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आवासीय अधिकार अभिलेख (घरौनी) मुहैया कराने की प्रक्रिया चल रही है। इसे लेकर जिले में अब तक 2,955 गांवों में ड्रोन सर्वे किया जा चुका है। जिले में कुल 3,376 गांव हैं। 869 गांवों में घरौनी बनाने का काम पूरा हो चुका है। दो हजार से अधिक गांवों में घरौनी वितरण बाकी है।
हर्रैया में 1535, सदर में 1122, भानपुर में 435 व रुधौली ब्लॉक में 274 गांव ड्रोन सर्वेक्षण के लिए अधिसूचित हैं। गैर आबाद, चकबंदी व बंदोबस्त प्रक्रिया आदि के अधीन गांवों को छोड़कर ड्रोन सर्वेक्षण किया जाना है। इनमें 2955 गांवों का ड्रोन सर्वेक्षण पूरा हो चुका है। जिले में अब तक 869 गांवों में घरौनी बंट चुकी है, जबकि 2100 गांवों में इसे बांटा जाना बाकी है।
डीएम प्रियंका निरंजन ने राजस्व से जुड़े अधिकारियों को ड्रोन सर्वेक्षण के लिए बचे गांवों में महीने के अंत तक सर्वे पूरा करने के निर्देश दिए थे। यह भी तय हुआ कि ड्रोन सर्वेक्षण के आधार पर सर्वे आफ इंडिया की ओर से तैयार किए गए मानचित्र संबंधित तहसीलों को उपलब्ध करा दिए जाएं ताकि आगे की प्रक्रिया पूरी कर सभी ग्रामीणों को मई के अंत तक हर हाल में घरौनी उपलब्ध कराई जा सके। डीएम ने बताया कि सर्वे आफ इंडिया की ओर से 2,955 गांवों का ड्रोन सर्वेक्षण पूरा करने के बाद उसके आधार पर लगभग 3,376 गांवों के मानचित्र सभी तहसीलों को उपलब्ध कराए जा चुके हैं। शेष बचे 421 गांवों के मानचित्र को 31 मई से पहले उपलब्ध करा दिए जाएंगे। सीआरओ ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि ड्रोन सर्वे के आधार पर जिन गांवों के मानचित्र सर्वे आफ इंडिया ने उपलब्ध करा दिए हैं, उनका स्थलीय सत्यापन हर हाल में चार हफ्ते में कर लिया जाएगा।