मेडिकल कालेज में ठंडा पानी लेने के लिए वाटर कूलर लगी भीड़।
मेडिकल कॉलेज परिसर में शुद्ध पेयजल का भी संकट
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। शासन का आदेश है कि इस मौसम में अस्पताल के वार्ड में भर्ती मरीजों को राहत देने के लिए कूलर का इंतजाम किया जाए, मगर मेडिकल कॉलेज के वार्ड में भर्ती मरीज व उनके तीमारदार गर्मी की मार झेल रहे हैं। कारण यह कि वार्डों में एसी तो दूर कूलर भी नहीं है। ऐसे में कमरे का वातावरण पंखों के चलने से गरम हो जा रहा है। मरीजों व तीमारदारों को इसी के बीच रहना मजबूरी है।
टीम ने बुधवार को मेडिकल कॉलेज को कैमरे की नजर से देखा। यहां पेयजल को लेकर तीमारदार व बीमार दोनो परेशान हो रहे हैं। यहां स्थापित इंडिया मार्का तीन हैंडपंप पूरी तरह बंद हैं, जबकि वाटर कूलर भी जबाव दे चुका है। ऐसे में यहां आने वाले मरीज व तीमारदार जैसे-तैसे पेयजल की व्यवस्था कर रहे हैं। टीम ने इसके बाद वार्ड का हाल जाना। वशिष्ठ मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीज के वार्डो में इस भीषण गर्मी में सीलिंग फैन के सहारे बिताना मुश्किल है। मरीज व तीमारदार गर्मी से परेशान मिले। किसी भी वार्ड में कूलर नहीं लगा हुआ है। मेडिकल कॉलेज में इन दिनों एक हजार से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इस गर्मी में कैंपस में शुद्ध पेयजल का संकट भारी पड़ रहा है, क्योंकि कैंपस में लगे वाटर कूलर का पानी ठंडा होना तो दूर की बात है कभी - कभी पानी ही नहीं आ रहा है।
पिपरा के विष्णु देव मिश्रा ने बताया कि मैं अपने रिश्तेदार को देखने के लिए आया था, लेकिन इस गर्मी में यहां पर रहना बहुत ही मुश्किल है। भर्ती मरीज रामपाल ने बताया कि इस भीषण गर्मी में यहां पर रहना मजबूरी बन गया है। क्योंकि पंखा से भी गरम हवा ही मिल रही है। ऐसे में मेडिकल काॅलेज प्रशासन को वार्ड में कूलर लगवाना चाहिए
सीएमएस डॉ. एएन प्रसाद ने कहा कि वार्ड में कूलर नहीं लगवाया गया है। यदि कोइ्र चिकित्सक इसकी सलाह देता है तो संबंधित को कोल्ड वार्ड में भर्ती करा दिया जाता है। सभी वार्डों में पंखा लगा है ओर सभी दुरुस्त है।सूख गए तालाब,पशु पक्षियों को नहीं मिल पा रहा पानी