वैकल्पिक व्यवस्था बनाए बगैर कटरा क्षेत्र में बंद कर दी गई पानी की आपूर्ति
बूंद-बूंद पानी को तरस रहे नागरिक, घरों के सामने गृहिणियों ने किया प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। बड़ेवन से कंपनीबाग तक बनाए जा रहे फोरलेन सड़क का निर्माण स्थानीय नागरिकों के लिए मुसीबत का सबब बन गया है। पहले घरों के गड्ढे खोदकर छोड़ दिए गए, अब आसपास के मोहल्लेवासियों को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसाया जा रहा है। निर्माण के दौरान बगैर कोई वैकल्पिक व्यवस्था बनाए कटरा क्षेत्र में पेयजल की आपूर्ति बंद कर दी गई है। पिछले तीन दिन से पानी की किल्लत बनी हुई है। इसकी सर्वाधिक मार गृहिणियों को झेलनी पड़ रही है। मोहल्ले में बाहर लगे हुए नलों पर पानी के लिए लाइन लग रही है। मुंबई-दिल्ली जैसा दृश्य यहां भी देखने को मिल रहा है।
नगर पालिका क्षेत्र में बड़ेवन से कंपनीबाग तक 1.750 किमी लंबाई में प्रस्तावित फोरलेन सड़क का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। निर्माण एजेंसी पीडब्ल्यूडी ने इस राह में पड़ने वाले पाइपलाइन को स्थानांतरित करने के लिए जल निगम को पहले ही डिमांड के हिसाब से रकम दे दिया है। मगर, नई पाइपलाइन का निर्माण नहीं कराया गया।
अलबत्ता निर्माण में अड़चन के चलते पानी की आपूर्ति पुरानी पाइप लाइन में बंद कर दी गई है। इधर सड़क निर्माण में मशीनों का उपयोग होने से जगह-जगह पुरानी पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे लगभग 20 हजार की आबादी वाले क्षेत्र कटरा में पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। घरों में पानी का संकट गहरा गया है। बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं हर किसी की परेशानी बढ़ गई है। बाल्टी एवं गैलन में लोग आसपास के नलों से पानी ढो रहे हैं।
पानी की किल्लत से आजिज आकर बृहस्पतिवार को आनंद नगर कटरा मोहल्ले की महिलाओं ने घरों से बाहर प्रदर्शन किया। हाथ में खाली-बाल्टी लेकर वह आने-जाने वालों से अपनी समस्या बयां करती नजर आईं। उनका कहना था कि यह समस्या दो महीने तक बनी रहेगी। प्रशासन की तरफ से अब तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। सर्वाधिक दुश्वारी महिलाओं को झेलनी पड़ रही है।
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जलस्तर घटने से अधिकतर नल भी सूख गए
भूमिगत जल का स्तर घटने से अधिकतर घरों के हैंडपंप पानी नहीं दे रहे हैं। नगर पालिका की जलकल शाखा की ओर से आपूर्ति की जा रही पानी पर सैकड़ों घर निर्भर है। इधर पानी की आपूर्ति बंद होने से कटरा क्षेत्र के मोहल्लों में हाहाकार मच गया है। आनंदनगर कटरा, पतेलवा, विकास भवन के पीछे आदि आबादी वाले क्षेत्र में पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। जिम्मेदार कुछ स्पष्ट बोलने को तैयार नहीं है। शिकायत करने पर कर्मचारी दो माह तक समस्या बरकरार रहने की बात कर रहे हैं। ऐसे में जिन नलों से पानी निकल रहा है वहां महिलाओं की भीड़ लग जा रही है।
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टैंकर तक का नहीं किया गया इंतजाम
सड़क निर्माण से पहले पाइप लाइन बदलने की बात तो दूर प्रभावित मोहल्लों में पानी के टैंकर तक का इंतजाम नहीं किया गया है। ताकि मोहल्लेवासियों को पानी के लिए भटकना न पड़े। यदि कटरा क्षेत्र में आबादी के लिहाज जगह- जगह टैंकर के इंतजाम प्रतिदिन कर दिए गए होते तो नागरिकों में पानी के लिए हाहाकार नहीं मचता।
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महिलाएं बोलीं- कोई तो सुने समस्या
तीन दिन से पानी की आपूर्ति ठप है। जलकल कर्मचारियों एवं अधिकारियों से लगातार गुहार लगाई जा रही है। कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इससे परेशानी बढ़ गई है।
सविता, कटरा।
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सुबह-शाम लाइन लगाकर नलों से पानी ले रहे हैं। दूसरे के घरों से भी पानी मांगकर काम चलाना पड़ रहा है। इस समस्या का तत्काल निदान होना चाहिए।
रेनू, कटरा।
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पानी की आपूर्ति बिना सोचे-समझे बंद कर दी गई। हम लोगों की समस्या का जरा सा ध्यान नहीं दिया गया। पहले नई पाइप लाइन तैयार कर लेनी थी, तब आपूर्ति बहाल रहती।
सरिता श्रीवास्तव, कटरा
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पानी की आपूर्ति के लिए नगर पालिका और जलकल के अधिकारियों से मोहल्ले के लोगों ने संपर्क किया। लेकिन किसी भी स्तर से संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
संध्या दीक्षित, कटरा।
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कोट
क्षतिग्रस्त पाइप लाइन जल निगम के कार्यक्षेत्र में है। लीकेज होने की वजह से पानी की आपूर्ति बंद की गई है। सड़क बनने के नाते यह समस्या अभी रहेगी। वैकल्पित व्यवस्था के रूप में प्रभावित मोहल्लों में टैंकर रखवाया जाएगा।
-सत्येंद्र कुमार, प्रभारी ईओ/ एसडीएम