संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। त्योहारों की भरमार के बीच धंधेबाजों की चांदी है। खासकर चमक-दमक वाली मिठाइयां खरीदते समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है कि कहीं ये एक्सपायर्ड तो नहीं हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग के नियम में है कि मिठाइयों के शो केस में उसके निर्माण और एक्सपायरी की तिथि अंकित करना अनिवार्य है। मगर, तमाम दुकानदार इसका पालन तो दूर, जानते ही नहीं कि ऐसा भी कोई नियम है।
शहर की कई प्रमुख दुकानों के काउंटर में रखे मिठाइयों के ट्रे को देखा गया तो कहीं भी बनने और खराब होने की तिथि अंकित नहीं मिली। ऐसे में खराब मिठाई खाकर लोग बीमार भी हो सकते हैं।
सोमवार की दोपहर एक बजे के करीब रोडवेज के पास दुकान पर काउंटर में कई तरह की मिठाइयां सजी थीं। उसपर बाकायदा रेट लिखा हुआ था। मगर, कब बनी और कब खराब होगी, इसकी जानकारी नहीं थी। गांधीनगर स्थित एक दुकान में सभी मिठाइयों के पास एक कार्ड पर उसका रेट तो लिखा था। मगर, बनने की तिथि और एक्सपायरी डेट नहीं था।
डिब्बा सहित मिठाई तौले तो करें शिकायत : मिठाई के भाव डिब्बा भी बेचने वालों पर इस बार बाट-माप विभाग ने शिकंजा कसा है। अब तक छह मिठाई विक्रेताओं पर कार्रवाई की गई है, जो डिब्बा सहित मिठाई की बिक्री कर घटतौली कर रहे थे।
उनके खिलाफ विधिक विज्ञान अधिनियम 2009 की धारा 12/30 के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है। विभाग की तरफ से ग्राहकों को भी सावधान किया जा रहा है कि अगर उन्हें डिब्बा सहित मिठाई तौल कर बेची जा रही है तो वह इसकी शिकायत दर्ज करा सकते हैं, उस पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
बताया कि 11 ऐसे मामले पकड़े गए हैं, जिनके पैकेट पर वस्तु का नाम, यूएसपी, सभी कर सहित मूल्य, वजन व कस्टमर केयर नंबर नहीं उल्लिखित थे।
उनके खिलाफ विधिक माप विज्ञान अधिनियम 2009 की धारा18/1 व 36/1 के तहत कार्रवाई की गई है।