गर्मी में लो-वाेल्टेज और अघोषित कटौती से राहत के आसार नहीं
अप्रैल तक काम पूरा होने का अधिकारी कर रहे दावा
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। बिजली संसाधनों के सुदृढ़ीकरण का काम अब शुरू हो रहा है। ऐसे में नगर निकायों के उपभोक्ता मई तक राहत की उम्मीद न करें। गर्मी में पिछली बार की तरह इस बार भी कटौती व लो-वोल्टेज का सामना करना पड़ सकता है। बिजली निगम के अधिकारियों का दावा है कि अप्रैल तक हर हाल में काम पूरा हो जाएगा।
जानकारी के अनुसार, नगर निकायों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था सुदृढ़ीकरण के लिए सरकार ने फरवरी 2023 में निगम को 12.75 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी थी। मगर, निगम और कार्यदायी एजेंसी के बीच एग्रीमेंट न हो पाने के कारण काम शुरू नहीं हो पाया। ऐसे में उपभोक्ताओं को रोस्टर के अनुसार आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। बभनान, हर्रैया, भानपुर व रुधौली को छोड़ दें तो अन्य छह नगर पंचायतों को ग्रामीण इलाकों जैसी 18 घंटे ही बिजली मिल रही है। जबकि शासन का निर्देश है कि नगर निकायों को 22 घंटे आपूर्ति दी जाए।
इसे लेकर जनप्रतिनिधियों ने कई बार निगम अधिकारियों से पत्राचार किया, लेकिन हर बार अधिकारी संसाधनों की कमी बताकर किनारा करते रहे। हालांकि, यह कभी हकीकत नहीं रही। निगम के पास सुदृढ़ीकरण के नाम पर मिले करीब डेढ़ साल से पर्याप्त धन की उपलब्धता रही। मार्च 2023 में काम शुरू कराने के लिए तीन एजेंसियों को ठेका मिला। जुलाई में तीनों को सशर्त अनुमति पत्र (एलओआई) भी जारी की गई। इसके बाद एजेंसी की ओर से लगाए जाने वाले सामान की गुणवत्ता जांच की जानी थी। यही कार्य निगम के अधिकारी समय से नहीं करा पाए।
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नगर निकायों में होने वाले प्रमुख कार्य
बनकटी व नगर बाजार उपकेंद्र की क्षमता वृद्धि होनी है। गायघाट में आठ किमी 33 केवी लाइन बनाया जाना है। कप्तानगंज में 55, गनेशपुर 20 गायघाट में तीन, मुंडेरवा में चार किमी 11 केवी लाइन बनेगी। नगर बाजार व कप्तानगंज में आठ-आठ, गणेशपुर में सात, गायघाट में एक किमी एलटी लाइन बनाई जाएगी। नगर बाजार में दो व गायघाट में एक 400 केवीए ट्रांसफार्मर लगाए जाएगा। हर्रैया में 19 किमी 11 केवी व एक किमी एलटी लाइन निर्माण होगा। रुधौली में 40 किमी, 11 केवी लाइन बनाई जाएगी। बनकटी में आठ किमी 11 केवी व 4.50 किमी एलटी लाइन बनाई जाएगी।
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उपभोक्ता कर रहे समस्याओं का सामना
नगर निकायों के फीडर अगल नहीं किए गए हैं। इससे उपभोक्ताओं को ग्रामीण इलाकों जैसी बिजली मिल रही है। निर्धारित 220 वोल्टेज की बिजली नहीं मिल पा रही है। लोकल फाल्ट की अधिकता के कारण आपूर्ति बाधित हो रहती है। कम बिजली मिलने के कारण कस्बों की व्यवसायिक गतिविधियां भी प्रभावित होती रहती हैं।