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मेकिल कॉलेज को देहदान से पूरी हुई ऊषा पाल की अंतिम इच्छा

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मेडिकल कॉलेज को देह दान से पूरी हुई उषा पाल की अंतिम इच्छा
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महादेवा/लालगंज (बस्ती )। महसों राजघराने की उषा पाल (75 ) पत्नी स्व. अविनाश नाथ पाल का शुक्रवार शाम निधन हो गया। उनकी अंतिम इच्छा के अनुसार उनके पार्थिव शरीर को महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कॉलेज को दान स्वरूप दे दिया गया। शनिवार सुबह मेडिकल कॉलेज की टीम महसों उनकी हवेली पर पहुंची और पार्थिव शरीर को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। मेडिकल कॉलेज प्रशासन का कहना है कि यह पहला मामला है, जो किसी ने मेडिकल कॉलेज को देह दान किया है।
उषा पाल महसों राजघराने की राजा स्व. काशीनाथ बहादुर पाल की मझली बहू थीं। वह सपरिवार लखनऊ में रहती थीं, जब भी वह अपने घर महसों आती थीं, तो वह अपने सरल स्वभाव के कारण सामाजिक कार्यों के लिए लोगों को प्रोत्साहित एवं सहयोग करने में नहीं चूकती थीं। पिछले दो वर्षों से उषा पाल अपने घर महसों में ही रहती थीं। उनके पुत्र अंशुमान पाल ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2016 में ही अपनी हार्दिक इच्छा यह बताईं कि मृत्यु के बाद शरीर का दान करना चाहती हैं। यह सुनकर परिवार व रिश्तेदार के लोग अवाक रह गए। लेकिन, उनकी प्रबल इच्छा के आगे सभी परिवार के लोग सहमत हो गए। इसके लिए उन्होंने लखनऊ मेडिकल कॉलेज में चर्चा भी की थी, लेकिन जैसे ही बस्ती में वशिष्ठ मेडिकल कॉलेज की स्थापना हुई, उन्होंने अपने गृह जनपद में ही देह दान का निश्चय किया। इसके लिए उन्होंने अपने भतीजे डॉ. लालमणि पाल (सर्जन) जो कि मेडिकल कॉलेज बस्ती में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर तैनात हैं, उनके जरिए विभागीय प्रक्रिया पूरी कराई।
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डॉ. लालमणि पाल ने बताया कि उनके पिता राघवेंद्र बहादुर पाल को भी वह प्रेरित करती थीं कि इस तरह के कार्यों के लिए लोगों को जागरूक करते रहें। उधर, मेडिकल कॉलेज, बस्ती के एनाटॉमी विभागाध्यक्ष डॉ.जीपी मिश्र ने उषा पाल के परिवार का आभार जताते हुए कहा कि यह बस्ती जनपद व मेडिकल कॉलेज का पहला देह दान है। इस महादान से मेडिकल कॉलेज में प्रशिक्षित हो रहे विद्यार्थियों को विद्या का दान मिलेगा। इससे बड़ा कोई दान हो नहीं सकता। इसके लिए मेडिकल कॉलेज बस्ती उषा पाल का सदैव ऋणी रहेगा।
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