जिला महिला चिकित्सालय में प्रसूता की मौत के बाद हंगामा और मारपीट के मामले को लेकर दूसरे दिन भी चिकित्सकों का विरोध जारी रहा। जिला चिकित्सालय में सुबह आठ से दस बजे तक कार्य बहिष्कार कर डॉक्टरों ने बैठक की। व्यवस्था पर सवाल उठाए। चेतावनी दी कि कार्रवाई व सुरक्षा नहीं दी गई तो 17 अप्रैल से तीन घंटे इसके बाद पूरी तरह से काम काज ठप कर दिया जाएगा।
पीएमईएस व आईएमए के संयुक्त आह्वान पर महिला अस्पताल के अलावा जिला अस्पताल और कैली चिकित्सालय के चिकित्सकों ने दो घंटे आंदोलन किया। इसके बाद वे काली पट्टी बांध विरोध जताते हुए काम पर लौटे। आठ अप्रैल को इटवा पीएचसी से रेफर होकर आई प्रसूता की जिला महिला अस्पताल में मौत हो गई। इसके बाद परिवार के लोगों ने अस्पताल परिसर में खूब बवाल किया। लेबर रूम के स्टाफ को कमरे में बंधक बना लिया तो बीच बचाव करने पहुंचे सीएमएस डॉ. गनेश यादव पर हमला कर उनकी पिटाई कर दी। पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। चिकित्सकों ने इस मामले मे मृतका परिवार के मुखिया को नामजद तो कई अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। अब उन पर कार्रवाई को लेकर चिकित्सक आंदोलित हैं।
संगठन के सदस्य डॉ. सुधांशु द्विवेदी ने बताया कि शुक्रवार को ओपेक चिकित्सालय कैली में चिकित्सक जुटेंगे। यहां दो घंटे का कार्य बहिष्कार के बाद भी कार्रवाई न हुई तो आंदोलन को नयी धार दी जाएगी। इस मौके पर पीएमएएस के अध्यक्ष डॉ. बीके मिश्र, सचिव डॉ. वीपी यादव डॉ. जीएम शुक्ल, डॉ. विजय यादव, डॉ. अवधेश चौबे, डॉ. आरके सिन्हा, डॉ. पंकज शुक्ल, डॉ. तैय्यब अंसारी, डॉ. पीके श्रीवास्तव, सीएमएस डॉ. गनेश यादव, डॉ. सुरेंद्र यादव, डॉ. बीके श्रीवास्तव, डॉ. अलका शुक्ला, डॉ. सीमा चौधरी, डॉ. राम प्रकाश, डॉ. विनोद सहित तीनों चिकित्सालयों के चिकित्सक मौजूद रहे।