सीएचसी विक्रमजोत में संसाधनों के संबंध में पूछताछ करते सीएमओ डॉ. आरपी मिश्र।
बस्ती। स्वास्थ्य सेवाओं का सीएचसी पीएचसी की स्थिति जानने के लिए सीएमओ डॉ. आरपी मिश्र दोपहर में निरीक्षण करने पहुंच गए। विक्रमजोत सीएचसी पर न तो डॉक्टर मिले और न ही कर्मी। सीएमओ ने एमओआईसी डॉ. आसिफ फारुखी को फटकार लगाते हुए चेतावनी दी है। वह पीएचसी छावनी पहुंचे। यहां लैब टेक्नीशियन विवेक कुमार वर्मा हस्ताक्षर बनाकर जा चुके थे। स्वास्थ्य मेले में एक भी मरीज की जांच नहीं की गई थी। सीएमओ ने हस्ताक्षर कर गायब एलटी का वेतन रोक दिया है।
दोपहर करीब दो बजे सीएमओ सीएचसी विक्रमजोत पहुंचे। अस्पताल में कोई कर्मी मौजूद नहीं मिला। सीएमओ के पहुंचने की सूचना पर डॉ. राजेश दूबे, राजकुमार सिंह, दो स्टॉफ नर्स व चतुर्थ श्रेणी कर्मी पहुंचे। सीएमओ ने एमओआईसी डॉ. आसिफ फारूकी को फोन कर इस अव्यवस्था पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए चेतावनी दी। इसके बाद वह सीएचसी कप्तानगंज पहुंचे। यहां अभिलेख की जांच में डिलीवरी कम पाई गई। डिलीवरी की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया। हेल्थ एटीएम से जांच कराने वाले सभी मरीजों का रिकार्ड पूर्ण कराने के लिए भी कहा। बीएचटी को ठीक से भरने के लिए चिकित्सक डॉ. रवींद्र वर्मा को निर्देशित किया।
इससे पहले सीएमओ ने सदर ब्लॉक के पीएचसी मंझरिया का दोपहर 12 बजे निरीक्षण किया। वहां पर स्वास्थ्य मेले में केवल तीन मरीज का नाम रजिस्टर में दर्ज पाया गया। डिलेवरी प्वाइंट बंद था। एएनएम कुशलावती तैनात हैं, लेकिन प्रसव नहीं कराया जा रहा है। एमओआईसी मरवटिया डॉ. विवेक कुमार विश्वास ने जनवरी से अब तक पीएचसी का भ्रमण नहीं किया है। एएनएम मंजू चौधरी ने बताया कि पीएचसी के लिए आईडी, पासवर्ड आवंटित नहीं है, जिस कारण कार्य प्रभावित है। सीएमओ ने बीसीपीएम से स्पष्टीकरण तलब करने का निर्देश दिया। चिकित्सक कक्ष के शौचालय की सीट टूटी हुई थी, पानी की आपूर्ति वार्डो में ठप है, वार्ड में गंदी चादर पड़ी हुई थी। वहां तैनात स्वीपर को मुख्यालय से संबद्ध कर लिया गया है। सीएमओ ने सप्ताह में तीन दिन स्वीपर को अस्पताल में ड्यूटी करने का निर्देश दिया।
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सीएचसी विक्रमजोत में संसाधनों के संबंध में पूछताछ करते सीएमओ डॉ. आरपी मिश्र।