कप्तानगंज सीएचसी पर चादर बदलने को लेकर हंगामा करते लोग। संवाद
कप्तानगंज। कस्बे के सीएचसी पर शनिवार को दोपहर में चादर बदलने को लेकर विवाद हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस मरीज के तीमारदार को लेकर थाने चली गई। मामला जब उच्चाधिकारियों तक पहुंचा तो डॉक्टर ने गंदे चादर को बदलवाकर इलाज शुरू कराया। घटना से सीएचसी में अफरा-तफरी मची रही।
हरैया थाना क्षेत्र के नरायनपुर तिवारी गांव के रहने वाले जग प्रसाद तिवारी की हीमोग्लोबिन कम होने की बजह से उनकी हालत खराब हो गई थी। शनिवार को दोपहर दो बजे जगप्रसाद तिवारी इलाज के लिए अपने पुत्र मित्रदेव तिवारी, कार चालक दिलीप शर्मा के साथ अस्पताल पहुंचे तो वहां ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर रवि प्रताप सिंह ने जांच रिपोर्ट देखने के बाद मरीज को आयरन सुक्रोज इंजेक्शन लगाने की सलाह दी।
बेटे मित्रदेव का आरोप है कि इंजेक्शन लगवाने के लिए उन्हें काफी देर तक भटकना पड़ा। फार्मासिस्ट के मौजूद न होने पर एक ट्रेनी लड़की उन्हें इमरजेंसी वार्ड तक ले गई। इमरजेंसी वार्ड में बेड पर खून से सनी गंदी चादर देख उसे बदलने की मांग की, लेकिन चादर नहीं बदली गई। इसी बात को लेकर इलाज में हो रही देरी पर डॉक्टरों से कहासुनी हो गई। इसी दौरान मौजूद चिकित्सक डॉ. अनूप कुमार ने पुलिस को सूचना दी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने तीमारदार बेटे और उसके ड्राइवर को थाने भेज दिया। जब इसकी भनक नरायनपुर तिवारी गांव के लोगों को हुई तो काफी संख्या में लोग अस्पताल पहुंच गए। जब मामले को उच्चाधिकारियों के संज्ञान में गया तो डॉक्ट थाने पर जाकर समझौता करते हुए आनन-फानन में इलाज शुरू कराया। एसओ आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि डॉक्टर अनूप कुमार की सूचना पर पुलिस पहुंची थी। उनके अनुसार दोनों को तोड़फोड़ के आरोप में थाने पर लाया गया। वहीं डाॅक्टर अनूप का कहना है कि मरीज के तीमारदार विवाद कर रहे थे।