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Basti News: रात में इमरजेंसी से चिकित्सक नदारद, तड़प रहे घायल मरीज

Tue, 23 Dec 2025 12:57 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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सीएचसी बहादुरपुर संवाद
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बस्ती। ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में डाॅक्टरों की कमी के बीच उनकी मनमानी से मरीजों को सांसत झेलनी पड़ रही है। अस्पताल की इमरजेंसी सेवा भगवान भरोसे है। डाॅक्टर घंटों नदारद रहते हैं। इससे मरीजों को जमीन पर बैठकर इंतजार करते-करते दम तोड़ देना पड़ रहा है। कुछ ऐसा ही मामला इन दिनों सीएचसी स्तर से सामने आ रहा है।
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सीएचसी स्तर पर उपचार कराने पहुंच रहे लोगों का कहना है कि डॉक्टर का इंतजार बीमारी से कम तकलीफ दायक नहीं है। हालत यह है कि रात की इमरजेंसी सेवा खुद वेंटिलेटर पर है। यहां यदि कोई गंभीर मरीज पहुंच जाए तो उसे जान से हाथ धोना पड़ जा रहा है। चूंकि, रात की इमरजेंसी में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर घर जाकर चैन की नींद सो जाते हैं, इंतजार में घायल मरीज तड़प-तड़प दम तोड़ दे रहा है।
बीते कुछ माह में सीएचसी स्तर से ऐसी घटनाएं सामने आई हैं। इसको लेकर खूब हो-हल्ला हुआ। बाद में नोटिस तक जारी किया गया, लेकिन कार्रवाई के बजाय मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। नोटिस देकर काम चला ले रहे हैं। मामला सीएचसी बहादुरपुर के अलावा गौर का भी है। जहां नाइट में डॉक्टरों की ड्यूटी पर लोग सवाल कर रहे हैं। गौर में चार माह पहले दुर्घटना में घायल होकर रात में पहुंचे युवक को उपचार नहीं मिल पाया था। डॉक्टर न होने का आरोप लगाकर वहां हंगामा हुआ था। पीड़ित अमन शुक्ल ने इसको लेकर नाराजगी जता कर शिकायत की थी।
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केस-1
30 अक्तूबर को रामजानकी मार्ग पर भोयर चकदहा के पास सुबह में स्कूली बस में एक निजी बस ने ठोकर मार दी थी, जिसमें आठ छात्र-छात्राएं घायल हुए थे। सीएचसी बहादुरपुर उपचार के लिए सभी घायलों को ले जाया गया था, लेकिन मौके पर डॉक्टर नहीं थे। ड्यूटी पर डॉ. रितेश राव की ड्यूटी थी, जिनसे बाद में स्पष्टीकरण मांगा गया था।
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केस-2
17 दिसंबर को रात में गंभीर अवस्था में परिजन लाली पत्नी पूर्णमासी निवासी बबुरहिया थाना कलवारी को लेकर सीएचसी बहादुरपुर पहुंचे थे। यहां डॉक्टर नहीं मिले थे। जबकि ऑन ड्यूटी वार्ड ब्वाय ने बताया कि नाइट में डॉक्टर प्रसंशा जायसवाल की ड्यूटी है। फोन पर जानकारी दी गई, लेकिन वह नहीं आईं। इससे मरीज की मृत्यु हो गई थी। इस मामले में एमओआईसी ने नोटिस जारी किया है।
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केस-3
11 जुलाई 2025 को दुर्घटना में घायल रसोइया को लेकर परिजन सीएचसी बहादुरपुर पहुंचे थे। बताया गया कि डॉक्टर न होने से ठीक से उपचार नहीं हो पाया था और मरीज की मृत्यु हो गई थी। जिसको लेकर हंगामा हुआ था। बाद में एमओआईसी ने संबंधित डॉक्टर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था।
कोट
सीएचसी पर नाइट सेवा में जिन डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई जा रही है यदि वह लापरवाही बरत रहे और घर पर रहकर ड्यूटी कर रहे हैं तो मामला गंभीर है। एमओआईसी के जरिये नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाएगी। ऐसे डॉक्टरों की सूची मांगी जा रही है।
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-डॉ. राजीव निगम, सीएमओ, बस्ती।
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