साॅऊघाट में धान क्रय केंद्र और उर्वरक विक्रय केंद्र बंद मिला
संवाद न्यूज एजेसीी
बस्ती। डीएम रवीश गुप्ता बृहस्पतिवार को जनपद भ्रमण पर निकले। उन्होंने निर्माणाधीन विभिन्न परियोजनाओं की हकीकत जानी। कार्यदायी एजेंसियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। मड़वानगर में प्रस्तावित पेयजल टंकी के निरीक्षण के दौरान नींव स्तर का कार्य चालू पाया गया। यहां खोदे गए गड्ढे के चारों ओर बल्ली और टेप लगाए गए थे। डीएम ने सुरक्षा के दृष्टिगत निर्देशित किया कि टेप केे स्थान पर जाली लगवाया जाए।
खुले छोर पर आवागमन के दृष्टिगत मोबाइल बैरियर लगाएं, ताकि कोई गलती से गड्ढे में न गिरे। बताया गया कि यह जिले की सबसे बड़ी पेयजल परियोजना है। इसकी टंकी 650 किलोलीटर क्षमता की होगी। सितंबर तक परियोजना को पूर्ण करने का लक्ष्य है। मगर, अप्रैल तक ही इसे पूर्ण करने का दावा किया गया।
डीएम ने कस्तूरबा विद्यालय साॅऊघाट में चल रहे निर्माण कार्य की प्रगति जांची। निर्देश दिए कि निर्माण में प्रयुक्त होने ईंटों स्वयं साउंड टेस्ट एवं ड्राप टेस्ट किया जाए। ईंट की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पाई गई। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया कि तत्काल ईंट बदलवाना सुनिश्चित कराएं। ठेकेदार के कर्मचारियों को फटकार भी लगाई। कहा कि यह एक आवासीय विद्यालय है। इसमें 24 घंटे बालिकाएं रहेंगी। यदि गुणवत्ता पर अनदेखी की पुनरावृत्ति हुई तो आगे कार्रवाअ की जाएगी।
पीसीएफ क्रय केंद्र सांऊघाट के निरीक्षण में उन्होंने पाया कि धान क्रय केंद्र एवं उर्वरक विक्रय केंद्र दोनों है। धान क्रय में लक्ष्य का लगभग 80 प्रतिशत क्रय इस केंद्र के द्वारा कर लिया गया है। डिप्टी आरएमओ ने बताया कि जनपद स्तर पर लक्ष्य का 64 प्रतिशत क्रय हो गया है। 96 प्रतिशत कृषकों को भुगतान किया जा चुका है। मिल को धान प्रेषण में अभी खाद्य एवं रसद विभाग सबसे पीछे है। इसके पीछे अन्य संस्थाओं की तुलना में अधिक लक्ष्य होना कारण बताया गया।