सदर के एक बूथ का निरीक्षण करते डीएम।
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बस्ती। जिला निर्वाचन कार्यालय राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों, एजेंटों व उम्मीदवारों के परिवार के सदस्यों के खाते में जमा वापसी व हस्तांतरण की निगरानी करेगा। किसी प्रकार के संदिग्ध लेन-देन साबित होने पर उचित कानूनी कार्रवाई का अधिकार उक्त अधिकारी को होगा। जिला निर्वाचन कार्यालय में प्रतिदिन निगरानी और निर्धारित प्रारूप में सभी बैंकों, आयकर विभाग, डाक विभाग और आबकारी विभाग की ओर से रिपोर्टिंग होनी है। यह निर्देश जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. राजशेखर ने दिए है। वे अधिकारियों संग बैठक कर रहे थे।
इससे पहले उन्होंने तहसील में चुनाव प्रबंधन व्यवस्था को जांचा। उन्होंने मतदाता जागरूकता के लिए तहसील परिसर में होर्डिंग व पोस्टर को प्रमुखता से प्रकाशित करने के निर्देश दिए। सभी विधान सभा क्षेत्रों के बीएलओ की सूची व मोबाइल नंबर भी प्रदर्शित करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान प्रशिक्षण भी दिया गया। जिसमें डीएम ने कुछ संख्या की जांच की। बीएलओ को संपूर्ण विवरण अपडेट करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्वाचन समस्याओं से संबंधित एकल खिड़की का भी निरीक्षण किया जहां सब कुछ ठीक पाया गया। डीएम ने सदर तहसील के ईवीएम प्रशिक्षण व जागरूकता डेस्क पर भी एक नजर घुमाई। यहां प्रतिदिन 130 से 150 मतदाताओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। बताया गया कि यहां एक सप्ताह में 990 लोगों ने ईवीएम की कार्य प्रणाली को देखा है। एक ईवीएम पर चुनाव प्रक्रिया भी करा कर देखी गई जो दुरुस्त मिला। इसके बाद वे ईवीएम भंडारण हाउस का दौरा कर सुरक्षा की जांच की। सावधानियों का निरीक्षण किया। सीसीटीवी ठीक पाया गया। 28 मार्च को सभी राजनीतिक दलों को एनआईसी कार्यालय में बुलाया गया है, जहां उन्हें रैंडम जांच कर दिखाया जाएगा। इसके बाद ईवीएम मशीनों को मंडी परिषद के भंडारण गृह में कड़ी सुरक्षा के बीच रख दिया जाएगा।
दोपहर बाद डीएम डॉ. राजशेखर मुंडेरवा के एक गांव जा पहुंचे। इस गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय के तीन बूथ हैं। दो बूथ आसपास के गांवों के लिए बनाए गए हैं। यहां स्वच्छ शौचालय, मरम्मत, पीने का पानी, विद्युत आपूर्ति सफाई को देख डीएम ने प्रधान की पीठ थपथपाई। यहां वीडीओ के माध्यम से मतदाता जागरूकता अभियान के बारे में ग्रामीणों को जानकारी दी गई। यहां सौ से अधिक ग्रामीणों ने ईवीएम जागरुकता अभियान में भाग लिया। ईवीएम पर सर्वेक्षण व वीपीपैट मशीन की कार्य प्रणाली भी जानी। यहां पिछले लोकसभा चुनाव में 65 प्रतिशत मतदान हुआ था, जिसे बढ़ाने के लिए डीएम ने ग्रामीणों को प्रोत्साहित किया।