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डीजे : सेहत ही नहीं, जान को भी खतरा... फिर भी करोड़ों का धंधा

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डीजे की लेजर लाइट की चकाचौंध में द्वारपूजा की ओर जाते बराती- संवाद
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- बरात में अक्सर डीजे को लेकर हो रहा घमासान, जा रही जान
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- 21 अप्रैल को रुधौली के निपनिया कला गांव में डीजे के कारण हुई थी किशोर की हत्या
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। चैन व सुकून छीनने वाला डीजे सिर्फ सेहत और यातायात के लिए ही घातक नहीं है, बल्कि जगह-जगह विवाद की जड़ भी बन रहा है। फरमाइशी गाना बजाने को लेकर आए दिन घमासान हो रही है। इसी वर्ष डीजे के गाने को लेकर किशोर की हत्या तक हो चुकी है। इसके बावजूद बिना डीजे के कोई बरात नहीं निकल रही है। देखते ही देखते यह धंधा करोड़ों में पहुंच चुका है। कोई भी डीजे औसतन 20 हजार रुपये में बुक हो रहा है। अगर पांच सौ शादियां ही एक सीजन में हों तो भी एक करोड़ रुपये का धंधा हो रहा है।
रविवार की रात दुबौलिया क्षेत्र के रमवापुर राजा गांव में आई बरात में भी मनपसंद गाना बजाने को लेकर बरातियों में ही सिर-फुटव्वल हो गई। यही नहीं, रुधौली थानाक्षेत्र के निपनियां कला गांव में 21 अप्रैल को बरात में डीजे पर राजनैतिक बोल वाला गीत बजाने को लेकर बवाल हो गया। गाने पर कुछ ग्रामीणों ने पहले आपत्ति जताई और बाद में लाठी-डंडे से लैस होकर मारपीट करने लगे। बरातियों में अफरातफरी के बीच लाठी-डंडे से पिटाई में बरात में शामिल 15 वर्षीय किशोर की मौत हो गई थी। कई दिनों तक वहां का माहौल खराब रहा। हैरान करने वाली बात यह है कि इन सबके बावजूद डीजे करोड़ों का व्यवसाय बनता जा रहा है।
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लोग बताते हैं कि बरात में डीजे विवाद की बड़ी वजह बनता जा रहा है। नशे में धुत होकर कुछ अराजकतत्व भी नाचने घुस जाते हैं। कई बार बरात में भी उद्दंड किस्म के लोग विवाद करने लगते हैं। पुराना डाकखाना निवासी राजेंद्र चौधरी बताते हैं कि वह एक बरात में गए थे। वहां डीजे वाले ने नाचते समय गाना बंद कर दिया तो दूल्हे का भाई ही डीजे वाले को पीटने लगा। इसके बाद घरातियों-बरातियों में जमकर मारपीट हुई और बरात को बिना शादी के ही लौटना पड़ा।
भूअर निवासी अनिल त्रिपाठी बताते हैं कि डीजे की वजह से जिस भी बरात में जाते हैं वहां द्वारपूजा से दूर ही रहते हैं। द्वारपूजा में ही सबसे ज्यादा उद्दंडता होती है।

...और आपस में भिड़ गए बराती
दुबौलिया। कलवारी थाना क्षेत्र के नेन्हुवापुर गांव से दुबौलिया थाना क्षेत्र के रमवापुर राजा गांव में रविवार की रात बरात आई थी। रात करीब साढ़े ग्यारह बजे डीजे पर गाना बजाने को लेकर बराती आपस में भिड़ गए। शोरगुल सुनकर लोग बीच-बचाव करने पहुंचे। तभी झगड़ा कर रहे लोग एक राय होकर कलवारी थाना क्षेत्र के विसेनपुर गांव निवासी सनोज गौतम व राजित राम गौतम को मारपीट कर घायल कर दिया, जिससे सनोज के सिर में गंभीर चोटें आईं। पीड़ित ने तीन नामजद एवं छह अज्ञात के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। प्रभारी निरीक्षक संध्या रानी तिवारी कहा कि मामले की जांच की जा रही है।
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विसर्जन में भी नहीं माने
श्री गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान मानक के विपरीत डीजे बजाना तीन संचालकों को भारी पड़ गया था। पुलिस ने तीन संचालकों के 49 साउंड बॉक्स, मशीनें, तीन जेनरेटर, मिनी ट्रक व ट्रैक्टर-ट्रॉली सीज कर दी थी। संचालक, आयोजक व ऑपरेटर सहित 10 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। इनमें चार आरोपियों को शांतिभंग की आशंका में गिरफ्तार भी किया गया।
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डाॅक्टर भी दे रहे बचाव की सलाह
ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. अमित कुमार की मानें तो ऊंची ध्वनि मस्तिष्क में तनाव पैदा करती है, चिड़चिड़ापन बढ़ता है, रक्तचाप बढ़ जाता है। खून में शर्करा बढ़ने लगती है, हृदय की धड़कन तेज हो जाती है, कार्यक्षमता घटती है और एकाग्रता नष्ट हो जाती है। तीव्र ध्वनि की वजह से प्रजनन क्षमता घट जाती है, गर्भपात की शिकायत बढ़ती है तथा मानसिक रूप से विकलांग बच्चे पैदा हो सकते हैं। आज की युवा पीढ़ी में बौनापन, आंखों में जल्द चश्मा तथा एकाग्रता की कमी इसकी प्रमुख वजह है।

सजा का डर न जुर्माने की चिंता

वरिष्ठ अधिवक्ता अवधेश प्रताप सिंह ने कहा कि डीजे बजाने को लेकर कोर्ट की गाइड लाइन का पालन कराया जाना जरूरी है। वर्ष 2019 में प्रयागराज के सुशील चंद्र श्रीवास्तव की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल तथा न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की खंडपीठ ने दिया है। कोर्ट ने कहा कि ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण कानून का उल्लंघन नागरिकों के मूल अधिकारों का उल्लंघन होगा। इस कानून का उल्लंघन करने पर पांच साल तक की कैद और एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

जमीन में कंपन सी महसूस होती

शहर के आजाद नगर के रामप्रताप प्रजापति कहते हैं कि डीजे के लिए पहले सामान्य जनरेटर का उपयोग किया जाता था। समय के साथ इसमें भी बदलाव हो गया है। बड़े-बड़े साउंड बाॅक्स के जरिये बजने वाले गानों की धुन भी कुछ अलग अंदाज की होती है। डीजे की तेज आवाज ऐसी होती है कि घरों की दीवारें, दीवारों पर टंगे बर्तन और जमीन में कंपन सी महसूस होती है।
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कोट........

डीजे को लेकर सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट का स्पष्ट निर्देश है। इसके अनुपालन को लेकर सख्ती की जाएगी। परिक्षेत्र के सभी सीओ को इसे लेकर सतर्क किया गया है। उनकी जवाबदेही तय की जाएगी।
-आरके भारद्वाज, आईजी
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