सीएमओ के प्रमाणपत्र पर भी रोडवेज बस में मुफ्त यात्रा कर सकेंगे दिव्यांग
यूडीआईडी कार्ड नहीं बनने से मुफ्त यात्रा से वंचित हो रहे थे दिव्यांग
परिवहन निगम की अपर प्रबंध निदेशक सरनीत कौर ब्रोका ने दिया निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। दिव्यांग जनों के लिए रोडवेज की बस में मुफ्त यात्रा के लिए अब सीएमओ अथवा सक्षम चिकित्साधिकारी की ओर से जारी किया गया प्रमाणपत्र भी मान्य होगा। मुख्यालय स्तर से इसके लिए यूडीआईडी कार्ड होने की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है।
दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत 40 प्रतिशत व उससे अधिक दिव्यांगता वाले व्यक्ति को मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जा रही थी। इसके लिए सीएमओ अथवा सक्षम चिकित्साधिकारी द्वारा निर्गत दिव्यांग प्रमाणपत्र दिखाने पर परिचालक यात्री को मुफ्त यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराता था। 21 जून 2019 को मुख्यालय स्तर से तब्दीली कर दिव्यांगजनों को यूडीआईडी कार्ड बनवाना अनिवार्य कर दिया गया। बावजूद इसके अधिकांश दिव्यांगजन अपना कार्ड नहीं बनवा सके। नतीजा यह हुआ कि यात्रा के दौरान अक्सर दिव्यांगजनों व परिचालकों में नोकझोंक होती रहती थी। यह समस्या जब शासन से होते हुए मुख्यालय तक पहुंची तो परिवहन निगम की अपर प्रबंध निदेशक सरनीत कौर ब्रोका ने मंगलवार को नई गाइडलाइन जारी कर दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 की व्यवस्था को बहाल कर दिया है। साथ ही उप्र परिवहन निगम की बस अगर गैर प्रांत में भी जा रही है तो दिव्यांग अंतिम स्टॉपेज तक मुफ्त यात्रा कर सकते हैं।
दिव्यांगों को मिलती हैं सुविधाएं
40 प्रतिशत व उससे अधिक के दिव्यांग को मुफ्त यात्रा की सुविधा
नियमावली 2016 के तहत 80 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग के लिए एक सहयोगी को भी मुफ्त यात्रा की सुविधा
यह सुविधा पूरे वित्तीय वर्ष में की गई यात्राओं के लिए अनुमन्य होगी
यह सुविधा बसों के अंतिम गंतव्य स्थल प्रदेश के अंदर या बाहर के लिए उपलब्ध होगी।
अब दिव्यांगजन पहले की तरह सिर्फ स्वास्थ्य विभाग का दिव्यांग प्रमाणपत्र व आधार कार्ड दिखाकर मुफ्त यात्रा का लाभ उठा सकते हैं।
- आरपी सिंह, एआरएम बस्ती डिपो