बस्ती। ईरान और इस्राइल-अमेरिका युद्ध के कारण बने अस्थिरता के माहौल, कच्चे माल की कीमतों में उछाल और गैस की किल्लत ने डिस्पोजेबल उत्पाद की कीमतों में वृद्धि हुई है। इससे दोना-पत्तल और गिलास के बाजार पर असर डाला है।
डिस्पोजेबल उत्पादों की कीमतों में पिछले डेढ़ महीने में 15 से 20 फीसदी तक की वृद्धि हुई है, जिससे शादी वाले घरों की दावत का खर्च बढ़ गया है। सहालग का मौसम शुरू हो चुका है। ऐसे में बाजारों में भले ही रौनक दिखाई दे रही है, लेकिन सामग्री के दाम आसमान छू रहे हैं। कच्चे माल का आयात प्रभावित होने से प्लास्टिक के दामों में बढ़ोतरी देखने को मिल रहा है। बढ़ती कीमतें ग्राहकों के लिए चिंता का विषय बन गई हैं। आयोजनों में उपयोग होने वाले प्लास्टिक गिलास, प्लेट, कटोरी और चम्मच के दामों में लगातार वृद्धि हो रही है। फौव्वारा तिराहा के दुकानदार राकेश गुप्ता का कहना है कि उन्हें थोक बाजार से ही सामान महंगा मिल रहा है। मूड़घाट के व्यापारी प्रमोद अग्रहरि ने बताया कि युद्ध के चलते प्लास्टिक के लिए आवश्यक कच्चा माल नहीं आ पा रहा है। पहले 20 रुपये में मिलने वाला प्लास्टिक गिलास का पैकेट अब 35 रुपये का हो गया है।