बस्ती। इंदौर में दूषित पानी की घटना के बाद भी नगर पालिका की पेयजल व्यवस्था सुधरती नजर नहीं आ रही है। पानी की सैंपलिंग, जांच और पिछले तीन दिनों में किए गए टेस्ट को लेकर नपा प्रशासन कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रहा है।
इंदौर में दूषित पानी से हुई गंभीर घटना के बाद जहां पूरे प्रदेश में सतर्कता बरती जा रही है, वहीं बस्ती में पेयजल की जांच और सैंपलिंग व्यवस्था को लेकर नपा की सुस्ती सामने आ रही है। हैरानी की बात यह है कि इस पूरे मामले में नपा प्रशासन खुद भी स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रहा। शहर में मौजूद 15 वाटर ओवरहेड टैंक से करीब दो लाख लोगों को पानी की सप्लाई की जा रहा है, लेकिन इस पूरे सिस्टम की गुणवत्ता जांच महज कागजों के भरोसे दिख रही है।
विशेषज्ञ इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ मान रहे हैं। पुराने जर्जर ओवरहेड टैंक जिसकी सफाई नहीं हुई है उससे घरों तक जलापूर्ति हो रही है। बताया गया कि जो नए ओवरहेड टैंक बने हैं, उसमें लीकेज की समस्या आने पर बार-बार बंद करना पड़ रहा है। इससे पुराने संसाधनों पर ही जलापूर्ति व्यवस्था शहर की टिकी हुई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि नगर पालिका क्षेत्र में कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों के कारण लोगों को पेयजल आपूर्ति नहीं होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पुरानी पाइप लाइनों में लगातार हो रही लीकेज से लोगों की परेशानियां बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि लाइनों में लीकेज के चलते जहां एक ओर पानी की भारी बर्बादी हो रही है, वहीं, लीकेज के जरिये गंदा पानी घरों तक पहुंच जाता है।
12 पानी सैंपल की अभी तक नहीं आई रिपोर्ट : गर्मी और बारिश के सीजन में मलिन बस्तियों और बड़े क्षेत्रों से लिए गए 12 पानी सैंपल की जांच रिपोर्ट अभी तक प्राप्त नहीं कर पाई है। हाल यह है कि इंदौर की घटना के बाद भी रिपोर्ट लेने में ढिलाई बरती जा रही है। बताया गया कि इसके लिए अभी भुगतान का मामला है।
आवास विकास ओवरहेड टैंक बंद, होती है परेशानी : आवास विकास का ओवरहेड टैंक बंद होने से जलापूर्ति में परेशानी होती है। बताया गया कि पुरानी टंकी जर्जर होने से जलापूर्ति को रोक दिया गया है। बताया गया कि यहां के उपभोक्ताओं को जलापूर्ति के लिए दूसरे टैंक व पाइपलाइन से जोड़ा गया है। लेकिन, अक्सर यहां प्रेशर की कमी और बार-बार अवरोध आने की शिकायत रहती है। इसके अलावा कई अन्य ओवरहेड टैंक में बदइंतजामी है। जिसको लेकर स्थानीय लोग शिकायत कर रहे हैं। स्टेडियम कॉलोनी का नलकूप बंद है। गल्ला मंडी का नलकूप बंद है। विकास भवन स्थिति नलकूप खराब है।
ओटी टेस्ट के लिए बनी रणनीति, आठ सदस्यीय दो टीमें गठित : नगर पालिका की ओर से पुराने संसाधनों से की जा रही जलापूर्ति का प्रयोग करीब दो लाख लोग कर रहे हैं। अब नपा प्रशासन ओटी टेस्ट के लिए रणनीति बनाते हुए आठ सदस्यीय दो टीमें गठित करते हुए जांच के लिए निर्देशित किया है। बताया गया कि चार सदस्यीय एक टीम पुरानी बस्ती क्षेत्र में जांच करेगी, तो दूसरी चार सदस्यीय टीम गांधीनगर क्षेत्र को कवर करेगी। टीम के सदस्य लीकेज, नाला के पाइपलाइन और पानी का नमूना एकत्र करेंगे। यह कार्य मंगलवार से प्रस्तावित है।
शहर में बन रहे हैं वाल्व, वास आउट में होगी आसानी : जलापूर्ति के लिए बिछाई गई पाइपलाइन में आसानी से वास आउट हो इसके लिए छह जगहों पर वाल्व बनाए जा रहे हैं। यहां से आसानी से वास आउट हो सकेगा। इसके लिए निर्माण कार्य चल रहा है। कई जगहों पर वाल्व बन गए हैं। जहां पर पाइप काटकर ज्वाइंटर लगाए जाएंगे और निकास द्वार बनाए जाएंगे।