जिले में निर्माणाधीन राजकीय मेडिकल कॉलेज के भवन और अन्य निर्माण कार्यों को लेकर अभी से सवाल खड़े होने लगे हैं। गुणवत्ताविहीन निर्माण की शिकायत पर डीएम अरविंद कुमार सिंह ने इसकी जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है, जो गुणवत्तापूर्ण निर्माण के संबंध में तीन दिन के भीतर आख्या देगी। इसी आख्या के आधार पर कार्रवाई तय की जाएगी।
जिला मुख्यालय के रामपुर गांव में करोड़ों की लागत से राजकीय मेडिकल कॉलेज का निर्माण कराया जा रहा है। इस कार्य के लिए ग्रामीणों की जमीन भी अधिग्रहीत की गई है। निर्माण के लिए केंद्र व राज्य सरकार धन देंगी। इसके लिए करीब ढाई सौ करोड़ रुपये की पहली किस्त भी निर्माण निगम को जारी की जा चुकी है। मौके पर काम भी शुरू हो गया है।
इधर, कार्यों की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों सहित जनप्रतिनिधियों ने सवाल उठाना शुरू कर दिया है। इन स्थितियों को प्रशासन ने संज्ञान में लिया है। डीएम अरविंद कुमार सिंह ने जनप्रतिनिधियों द्वारा निर्माणाधीन राजकीय मेडिकल कॉलेज भवन के मानक के विपरीत निर्माण किए जाने के संबंध में की गई शिकायत के क्रम में सहायक अभियंता डीआरडीए, अपर उपजिलाधिकारी तथा अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग की जांच समिति गठित की है। यह समिति निर्माण संबंधी जांच कर अपनी आख्या देगी। डीएम ने उक्त की पुष्टि करते हुए कहा कि जांच के बाद आख्या के आधार पर कार्रवाई होगी। यदि कार्य गुणवत्ताविहीन पाया गया तो संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।