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Basti News: नालियों से गुजरी जर्जर पाइपलाइन...बीमारी की जद में जिंदगी

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आवास ​विकास कॉलोनी में ड्रेनेज पाइप में जलापूर्ति की डाली गई पाइपलाइन संवाद
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बस्ती। इंदौर में दूषित जल पीने से घटी घटना के बाद शुद्ध पेयजल की उपलब्धता को लेकर लोगों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। अधिकांश वार्ड में पुरानी व जर्जर लाइनों से सप्लाई होती दिख रही है, घरों से निकल रहे नाले से ही जलापूर्ति पाइपलाइन के जरिये लोग घर तक सप्लाई ले रहे हैं।
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शहर के 25 में करीब 15 वार्डों में पुरानी पाइप लाइन से पानी की सप्लाई की जाती है। पाइप लाइन गंदे नालों से होकर गुजर रही है। पाइप लाइन वर्षों पुरानी होने से लीकेज से इन्कार नहीं किया जा सकता है। समय से लीकेज की मरम्मत न होने से दूषित जल सीधे घरों में पहुंचता है। इससे रोजाना लोग प्रभावित भी हो रहे हैं।
लोगों ने कहा कि शहर, कस्बे व गांवों में पानी सप्लाई करने वाले जिम्मेदारों को भी इंदौर की घटना से सबक लेने की जरूरत है। बृहस्पतिवार को शहर के अलग-अलग क्षेत्र में पाइपलाइन की पड़ताल की गई तो हकीकत सामने आ गई। गंदे स्थानों से होकर गुजरी पाइप लाइन से शुद्ध जल मिलना कितना संभव है, इसका अंदाजा स्वत: ही लगाया जा सकता है। घरों से निकले मोटे पाइप में जलापूर्ति की पाइपलाइन डालकर घरों तक सप्लाई ले गए हैं।
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शहर के 25 वार्डाें में पड़ताल के दौरान पता चला कि लोगों को नगर पालिका की ओर मिल रहे पानी की शुद्धता पर विश्वास नहीं है। ज्यादातर लोग पानी खरीदकर पीते हैं। जो लोग थोड़ा संपन्न है, उन्होंने सबमर्सिबल और आरओ मशीन लगवा ली है। जो लोग शुद्ध पेयजल के लिए रकम खर्च नहीं कर सकते हैं, वे ही मजबूरी में नगर पालिका की आपूर्ति का पानी पीते हैं।
शहर के आनंदनगर कटरा, आवास विकास, विशुनपुरवा, मालीटोला, जलकल कार्यालय के पास सहित अन्य मोहल्ले में पुरानी पाइप लाइन से घरों को पानी की सप्लाई होती है। नगरपालिका अधिकारियों का दावा है कि शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जाती है, लेकिन यह शुद्ध पेयजल घर तक शुद्ध पहुंचे, इसकी गारंटी नहीं है।
मेन लाइन से घरों तक जाने वाली लाइन नाले व नालियों से होकर गुजरती है। जगह-जगह पाइप लाइन लीक होने से घर तक पहुंचने वाले पानी की शुद्धता कैसे बनी रहेगी। बताया गया कि आठ से नौ मोहल्ले में नई पाइपलाइन से पानी की सप्लाई होती है। इससे आने वाले पानी को लोगों ने शुद्ध बताया।
सैंपल के लिए चार वार्डों में पहुंची टीम : पानी गुणवत्ता जांच के लिए नपा की ओर से बनाई गई दो टीमें भ्रमण पर निकल गई हैं। पाइप लाइनों की लीकेज के साथ ही टोंटी की शुरूआत और अंत तक पानी सैंपल भर रहे हैं। बृहस्पतिवार को चार वार्डों से पानी सैंपल एकत्र किया गया। नरहरिया, पांडेय बाजार, कटरा और कंपनीबाग से सैंपल एकत्र किए गए।
अधूरी है परियोजना, 22 प्रतिशत हुआ है काम : नगर पालिका के आवास विकास कॉलोनी में 24 घंटे जलापूर्ति के लिए अलग से पाइप लाइन बिछाई जा रही है। यहां एक अतिरिक्त ट्यूबवेल लगेगा। बताया गया कि अभी 22 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है। इससे अभी 24 घंटे जलापूर्ति में वक्त लग सकता है। एक्सईएन जलनिगम नगरीय इं. प्रमोद कुमार का कहना है कि कार्य तेजी से कराया जा रहा है।
28 हजार के बकाएदारी में नहीं मिल पा रही रिपोर्ट : जुलाई में जलकल की ओर से पानी के 12 सैंपल विभिन्न मोहल्लों से एकत्र करके जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा गया था। रिपोर्ट के लिए जो फीस तय है उसका भुगतान न होने से अभी भी रिपोर्ट लंबित है। बताया गया कि 28 हजार रुपये के चक्कर में रिपोर्ट नगर पालिका प्राप्त नहीं कर सकी है। जबकि तीन माह के बाद रिपोर्ट की स्थिति बदल जाती है।
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