हर्रैया। कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों के विलय में अड़चनें आ रही हैं। प्रबंध समितियों की सहमति वाला प्रस्ताव नहीं मिलने से ब्लॉक के चिह्नित 42 स्कूलों में से केवल 15 का विलय हो पाया है। बीईओ का कहना है कि जल्द ही शेष विद्यालयों से प्रस्ताव मिलने की उम्मीद है।
ब्लॉक में 50 से कम छात्र संख्या वाले 42 परिषदीय विद्यालय चिह्नित किए गए थे। पहले चरण में 10 विद्यालयों का विलय किया गया। उसमें अहिरौलिया नयन का विठलापुर स्कूल में विलय को अभिभावकों ने अव्यावहारिक बताया तो अब उसे निकट के मुकुंदपुर से संबद्ध किया गया। भीमलापुर प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को भीटी मिश्र प्राथमिक विद्यालय में विलय की सहमति वाला प्रस्ताव प्रधानाध्यापक ने भेज दिया। इसकी भनक गांव के लोगों को हुई तो विवाद खड़ा हो गया। गांव के लोगों ने इसी ग्राम पंचायत के रानीपुर प्राथमिक विद्यालय से संबद्ध करने की मांग की। विलय हुए अन्य विद्यालयों में कुरथिया उच्च प्राथमिक विद्यालय को इसी गांव के प्राथमिक विद्यालय, कठुआ प्राथमिक विद्यालय को चोरखरी, मझारी को हाही व महेवा कुंवर को पेनहा से जोड़ा गया है।
बीईओ विजय आनंद ने बताया कि प्रबंध समितियों की सहमति से प्रस्ताव मिलने पर ही विलय के आदेश का पालन कराया गया है। कुछ विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों ने पत्र देकर छात्र संख्या बढ़ने की जानकारी दी है। इसलिए ऐसे विद्यालयों को संचालित किया जा रहा है। शेष विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को प्रबंध समिति से प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
आधा दर्जन स्कूलों ने दिया छात्र संख्या बढ़ाने का आश्वासन
आधा दर्जन स्कूलों के शिक्षकों ने प्रयास कर निर्धारित मानक के अनुरूप संख्या पूरी करने की जानकारी बीईओ को दी है। भैरोपुर, रजौली, जुड़ईपुर सहित अन्य ने इस संबंध में पत्र देकर स्कूल संचालित किए जाने की जानकारी दी है। बीईओ ने बताया कि छात्रों की संख्या का सत्यापन कराया जाएगा। गलत छात्र संख्या भेजने वालों पर कार्रवाई होगी।