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पहेली बनी धर्मराज की मौत : पत्नी और पुजारी फरार, ढूंढ रहीं पुलिस की चार टीमें

Sun, 16 Apr 2023 12:16 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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बस्ती। मुंडेरवा थानाक्षेत्र के ऊंचगांव जमोहे निवासी धर्मराज की मौत की गुत्थी हत्या और दुर्घटना में उलझकर रह गई है। घटना के बाद से अब तक उसकी पत्नी मीरा का न मिलना संदेह पैदा कर रहा है। उसी दिन से कस्बे का एक पुजारी भी गायब है, जिसका धर्मराज की पत्नी से मिलना-जुलना था। पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि दोनों एक साथ कहीं फरार तो नहीं हो गए? मीरा के मोबाइल फोन की आखिरी लोकेशन अयोध्या में मिली थी। मगर उसके बाद से फोन बंद आ रहा है। पुलिस की चार टीमें दोनों की तलाश कर रही हैं।
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एसपी गोपाल कृष्ण चौधरी और एएसपी दीपेंद्र नाथ चौधरी ने शनिवार को घटना स्थल का निरीक्षण किया। परिवार के लोगों से भी बातचीत की। अब तक की जांच के बारे में पुलिस कर्मियों से भी पूछताछ की। एसपी ने बताया कि अभी सभी पहलुओं पर छानबीन की जा रही है। मगर स्थितियों को देखकर ऐसा नहीं लगता है कि उसकी हत्या की गई है। उसका हाथ कटने और चोट आने के बारे में एसपी का कहना है कि ट्रेन की चपेट में आने से उसे यह चोटें आईं। ज्यादा खून बह जाने के कारण उसकी मौत होने का पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी जिक्र है। एसपी के अनुसार, पुलिस उसकी पत्नी मीरा और क्षेत्र के एक पुजारी की तलाश कर रही है। महिला के मिलने से काफी बातें स्पष्ट हो जाएंगी। रिपोर्ट दर्ज करने के लिए परिवार की तरफ से अभी तक तहरीर नहीं दी गई है।
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पत्नी का गायब होना सबसे बड़ा रहस्य
-धर्मराज की मौत से बड़ा रहस्य उसकी पत्नी का गायब होना बन गया है। धर्मराज के साथ घर से निकली पत्नी अगर गायब न होती तो स्पष्ट तौर पर पुलिस अब तक ट्रेन से घायल होने पर मौत की बात मान चुकी होती, लेकिन धर्मराज की पत्नी और उससे मिलने-जुलने वाला पुजारी घटना के बाद से ही गायब है। इसलिए तमाम तरह की आशंकाएं पैदा हो रही हैं। पुलिस भी इसी बिंदु पर अपनी जांच आगे बढ़ा रही है।
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यह था घटनाक्रम
-ऊंचगांव जमोहे निवासी धर्मराज (40) पत्नी मीरा के साथ सोमवार की रात आठ बजे अपनी बेटियों दुर्गावती, सरोज, शालू और बेटे गणेश को बिना कुछ बताए घर से साइकिल से निकला था। रात में जीआरपी ने उसे लहूलुहान हालत में रेलवे पटरी के किनारे पाया। इलाज के लिए ले जाने पर उसकी मौत हो गई। इस बात की जानकारी परिवार में किसी को नहीं थी। मंगलवार को उसके साढू नरसिंह ने फोन करके बताया कि उनका एक्सीडेंट हो गया है। घर वाले जब मुंडेरवा थाने पर पहुंचे तो कोई पता नहीं चला। कोतवाली पहुंचने पर अज्ञात व्यक्ति का शव मोर्चरी में रखे जाने की बात बताई गई। वहां जाने पर धर्मराज के रूप में शव की पहचान हुई। पोस्टमार्टम में उसका हाथ कटा और चेहरे पर कई जगह चोट के निशान पाए गए, जिसमें टांके लगे हुए थे।
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