बस्ती। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के तहत जिले में 14 अगस्त को एक से 19 वर्ष तक के 13 लाख 26 हजार 200 बच्चों और किशोरों को कृमि नाशक दवा खिलाई जाएगी। अभियान की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सभी स्कूलों से बच्चों की सूची मांगी है, जबकि दवा का वितरण भी शुरू कर दिया गया है। अभियान से छूटने वाले बच्चों को 18 अगस्त को आयोजित मॉपअप राउंड में दवा दी जाएगी।
जिले के तीन हजार से अधिक सरकारी, एक हजार से अधिक निजी विद्यालयों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों सहित चार हजार से अधिक संस्थानों में अभियान संचालित होगा। इसके अलावा एएनएम और आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर स्कूल से बाहर रहने वाले बच्चों व किशोरों को भी दवा खिलाएंगी। अभियान के लिए पर्याप्त मात्रा में एल्बेंडाजोल उपलब्ध करा दी गई है और संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं।
डिप्टी सीएमओ डॉ. बृजेश कुमार शुक्ल ने बताया कि एल्बेंडाजोल का सेवन हर छह माह में एक बार करना चाहिए। पेट में मौजूद कृमि भोजन से मिलने वाले पोषक तत्वों को अवशोषित कर लेते हैं, जिससे बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित होता है। नियमित रूप से दवा लेने से कृमि संक्रमण से बचाव होता है और बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर रहता है।
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उम्र के अनुसार दी जाएगी दवा
अर्बन हेल्थ कोऑर्डिनेटर सचिन चौरसिया ने बताया कि दो वर्ष के बच्चों को आधी गोली, जबकि तीन से 19 वर्ष तक के बच्चों और किशोरों को एक गोली दी जाएगी। दवा चबाकर खिलाई जाएगी, निगलकर नहीं। दवा हाथ से न देकर चम्मच की सहायता से देने के निर्देश दिए गए हैं। खांसी, तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ या गंभीर बीमारी से ग्रसित बच्चों को दवा नहीं दी जाएगी। दवा खाने के बाद यदि किसी बच्चे को हल्की उल्टी, दस्त या पेट दर्द की शिकायत हो तो उसे छायादार स्थान पर आराम कराया जाएगा।
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उम्र के हिसाब से दें दवा
अर्बन हेल्थ कोआर्डिनेटर सचिन चौरसिया का कहना है कि एल्बेंडाजोल की दवा बच्चों की उम्र सीमा के हिसाब से देनी है। दो वर्ष के बच्चों को आधी गोली, तीन से वर्ष 19 वर्ष के बच्चों को एक गोली दी जानी है। खांसी, बुखार, सांस फूलना व गंभीर बीमारी के ग्रसित बच्चों को दवा का सेवन नहीं कराना है। दवा को हाथ से न खिलाएं। इसके लिए चम्मच का प्रयोग करें। कुछ बच्चों को अगर दवा खाने के बाद उल्टी, दस्त व पेट में हल्का दर्द हो तो उसे खुली हवा में छायादार स्थान पर लिटा दें। दवा को निगल कर नहीं, बल्कि चबाकर खाना होता है।
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छह अगस्त तक स्कूलों में पहुंचेगी दवा
सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने बताया कि सभी एमओआईसी को ड्रग वेयरहाउस से एल्बेंडाजोल प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं। आरबीएसके टीम की मदद से छह अगस्त तक सभी विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में दवा और रिपोर्टिंग प्रारूप उपलब्ध करा दिए जाएंगे। 14 अगस्त को मुख्य अभियान तथा 18 अगस्त को मॉपअप राउंड आयोजित किया जाएगा, ताकि कोई भी पात्र बच्चा दवा से वंचित न रहे।