पुलिस कार्यालय मेें प्रदर्शन करने के बावजूद कबूूतरबाजों पर हाथ डालने से पुलिस बच रही है। मलेशिया के बहुराष्ट्रीय चश्मा फैक्ट्री में नौकरी दिलाने के नाम पर सवा लाख गवां चुके नगर थानाक्षेत्र के तिलकपुर निवासी अनिल कुमार को न्याय की उम्मीद नहीं जगी। इसके जैसे डेढ़ सौ से अधिक बेरोजगार घर की पूंजी देकर फंसे हैं। न तो उनके रुपये वापस मिल रहे हैं, न ही उन्हें नौकरी दिलाई जा रही है।
जिले के बेरोजगारों को खाड़ी देशों (दुबई, सऊदी अरब, मस्कट, कुवैत व कतर) भेजने के नाम पर ठगी करने वालों की बहुतायत है। जो युवकों को जाल में फंसाकर लाखों कमा रहे हैं। कुछ लोगों को भेजने में कामयाब होने से लोगों को थोड़ा भरोसा हुआ नहीं कि वे जाल में फंसा लेते हैं। तिलकपुर के जवाहर लाल के बेटे अनिल कुमार के साथ ऐसा ही कुछ हुआ।
उसेेे हर्रैया क्षेत्र के महुंघाट निवासी इसरार नामक व्यक्ति ने जनवरी 2015 में झांसा दिया कि वह मलेशियाई चश्मा फैक्ट्री में नौकरी लगवाएगा। चेन्नई-दिल्ली के चक्कर लगवाने के बावजूद जब उसे फ्लाइट नहीं मिली तो रुपये वापस मांगने लगा। लेकिन इसरार नामक कबूतरबाज ने पैसे वापस नहीं किए। तमाम लोगों ने 19 मई को प्रदर्शन भी किए लेकिन नतीजा नहीं निकला।