विशेषरगंज में कथा कहतीं कनकेश्वरी देवी- विज्ञप्ति
दुबौलिया। विशेषरगंज बाजार के दुर्गा पंडाल में सात दिवसीय संगीतमयी श्रीराम कथा के दूसरे दिन अवध धाम से आईं कनकेश्वरी जी ने शिव-सती प्रसंग का वर्णन किया। शिव जी के मना करने के बाद भी सती ने भगवान राम की परीक्षा लेने जाती है। भगवान न तो परीक्षा से न ही समीक्षा मिलते है, उनका दर्शन तो प्रतीक्षा से होता है। उस अंत को पाने के लिए अनंत धैर्य की जरूरत है। देवी ने कहा कि सती की परीक्षा लेने की विधि की विडंबना यह है कि वह सीता का वेश बनाती है। और भगवान राम के आगे-आगे चलने लगती है। कई लोग भगवान को पीछे छोड़ आगे चलने लगते है। जो लोग भगवान के पीछे छोड़ आगे बढ़ जाते है तो भगवान का एक स्वभाव है कि वे पीछे पड़ जाते है। और जब तक सत्य का दर्शन नहीं करा देते पीछे पड़े ही रहते है। यह स्थिति बड़ी भयावह होती है। बलवंत प्रताप सिंह, राजेश सिंह, गिरीश चंद, डिंपल सिंह शिवा, डाॅ. राजवंत सिंह, शैलेश, रामबाबू आदि मौजूद रहे। संवाद