कुदरहा में सरयू नदी के नौरही घाट पर स्नान करते श्रद्धालु ।
कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर पवित्र सरयू में लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई। नौरहनी घाट पर सोमवार को भोर से ही स्नान के लिए जन सैलाब उमड़ पड़ा। फिर पुण्य और मुक्ति के लिए श्रद्धालुओं ने अन्न और गौदान किया। पूजा अर्चना के बाद लोगों ने तट पर लगे मेले में खरीददारी की । तट पर अखंड हरि कीर्तन और भंडारों से माहौल भक्तिमय हो गया। कीर्तन पूर्ण होने के बाद लोगों ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया।
प्रत्येक वर्ष कार्तिक पूर्णिमा पर सरयू के नौरहनी घाट पर मेला लगता है, जिसमें खलीलाबाद, मुन्डेरवा, महादेवा, महसों,लालगंज सहित अन्य स्थानों के श्रद्धालु आते हैं। सोमवार को प्रात: तीन बजे से ही पूर्णिमा पर स्नान करने के लिए लोगों का ताता लग गया। कटान के चलते इस बार स्नान के लिए नौरहनी पर तीन और पिपरपांती में एक स्थान पर लोगों ने डुबकी लगाई। परसांव के पंडित सुशील मिश्र का कहना है कि कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान का विशेष महत्व है, स्नान के बाद अन्न और गौदान से पाप का नाश होता है और पुण्य का उदय होता है। प्रात: से स्नान शुरु हुआ, जो देर शाम तक चलता रहा।
नौरहनी घाट पर लगे मेले में बच्चों ने खिलौनों की खरीददारी की। महिलाओं ने घर गृहस्थी से जुड़े सामान खरीदे। इसके अलावा सौंदर्य प्रसाधन की दुकानों पर भी भीड़ लगी रही। खेती किसानी के सहायक सामग्री खरीदने के लिए भीड़ लगी रही । नौरहनी घाट पर लगने वाला मेला दो थाना क्षेत्रों में बंटा है। स्नान स्थल और मेला कलवारी थाना क्षेत्र में आता है, वहीं कुदरहा से मेला तक पहुचने वाला क्षेत्र लालगंज थाना क्षेत्र में आता है। कलवारी पुलिस तो अपने क्षेत्र में चौकस दिखी लेकिन लालगंज थाने की उपस्थिति नदारद रही जिससे लोग जगह जगह जाम से जूझते रहे।