आरटीओ कार्यालय का निरीक्षण करते उप परिवहन आयुक्त शिखर ओझा स्रोत विभाग
बस्ती। फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) प्रकरण में दो आरआई के निलंबन और चार आउटसोर्स वेंडरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बाद शनिवार को गोरखपुर परिक्षेत्र के परिवहन उप आयुक्त शिखर ओझा ने संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) बस्ती का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यालय के सभी पटलों की कार्यप्रणाली परखी और आवेदकों से बातचीत कर व्यवस्थाओं का फीडबैक लिया।
परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश के निर्देश पर पहुंचे उप परिवहन आयुक्त (परिक्षेत्र) ने निरीक्षण के दौरान कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों से कामकाज की जानकारी ली। वरिष्ठ सहायक एआरटीओ माला बाजपेयी मौजूद थीं। वरिष्ठ सहायक आशादेवी और विनोद श्रीवास्तव को छोड़कर अन्य कर्मचारी उपस्थित मिले। दोनों के अवकाश पर होने की जानकारी दी गई।
उप परिवहन आयुक्त ने विभिन्न पटलों पर जाकर पटल प्रभारियों की कार्यशैली और लंबित कार्यों की जानकारी ली। कार्यालय में आए आवेदकों से भी बातचीत की। आवेदकों ने कार्यालय की कार्यप्रणाली को संतोषजनक बताया। उनका कहना था कि वे अपना काम स्वयं कराने आए हैं और उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं हुई।
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सीसीटीवी और रिकॉर्ड रूम की भी जांच
निरीक्षण के दौरान कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की स्थिति भी देखी गई। इसके अलावा स्वीकृत और तैनात कर्मचारियों की संख्या की समीक्षा की गई। एआरटीओ प्रशासन ने बताया कि स्वीकृत पदों के सापेक्ष जिले में पर्याप्त कार्मिक तैनात नहीं हैं। उप परिवहन आयुक्त ने कार्यालय की साफ-सफाई और रिकॉर्ड रूम का भी निरीक्षण किया। एआरटीओ प्रशासन को कार्यालय में चल रहे रंग-रोगन का काम जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यालय आने वाली जनता को शासन की मंशा के अनुरूप त्वरित, पारदर्शी और सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।
बैकलॉग एंट्री से फर्जी डीएल बनाने का मामला
बस्ती आरटीओ कार्यालय में बैकलॉग एंट्री के जरिये बड़े पैमाने पर फर्जी डीएल बनाए जाने का मामला सामने आया था। प्रकरण में तत्कालीन आरआई सीमा गौतम और संजय दास निलंबित किए जा चुके हैं। वहीं चार आउटसोर्स वेंडरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। इस कार्रवाई के बाद विभागीय स्तर पर जांच और निगरानी बढ़ाई गई है।