महादेवा (बस्ती)। लालगंज थाना क्षेत्र के खीरीयहवां गांव में सोमवार सुबह लगभग 5:30 बजे 55 वर्षीय व्यक्ति का कमरे में छत के कुंडे से लटका शव पाया गया। उनकी बेटी घर की साफ-सफाई के बाद जब आगे वाले कमरे में गई तो पिता को छत के कुंडे से लटका देख चीखन-चिल्लाने लगी। गांव के लोगों का कहना है कि दस वर्षों से परशुराम मानसिक रोगी थे। इनका इलाज गोरखपुर से चल रहा था। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह 5:30 बजे परशुराम (55) रोज की तरह ही सुबह उठे और घर के बाहर बरामदे में बैठ गए। परिवार में बड़ा बेटा संदीप ( 23 ) दो महीने पहले ही कमाने के लिए मुंबई गए थे। घर पर मौजूद छोटा बेटा रंजीत ( 17) अपनी माता के साथ कृषि कार्य के लिए खेत में चला गया। घर पर मौजूद बेटी पुष्पा ने घर की साफ-सफाई कर रही थी। सफाई करते हुए जब आगे वाले कमरे में गई तो पिता को छत के कुंंडे से लटका देख उसके होश उड़ गए। वह जोर-जोर से चिल्लाने लगी। रोने की आवाज सुनकर परिवार तथा पड़ोस के लोग भी एकत्रित हो गए। इसकी पुलिस को सूचना दी गई।
10 वर्षों से अवसाद में थे परशुराम
- गांव के लोगों का कहना है कि दस वर्षों से परशुराम मानसिक रोगी थे। इनका इलाज गोरखपुर से चल रहा था। उनके इलाज के लिए परशुराम का खेत तक बिक गया था। आर्थिक तंगी के कारण भी वह अवसाद में रहते थे। घटना से परिवार वालों का रो-रो कर बुरा हाल है। थाना प्रभारी लालगंज महेश सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।