गायघाट। कलवारी थानाक्षेत्र के रामपुर के बासमती हत्याकांड में लूटपाट की घटना को नजरअंदाज करने को लेकर पुलिस बैकफुट पर आ गई। उसने मृतका की बेटी से सोमवार को एक पूरक तहरीर ली गई। जिसमें घर में हुई लूटपाट का जिक्र है। सोमवार को दी गई तहरीर में सोनिया ने लिखा है कि घटना के समय हत्या का केस दर्ज किया गया था लेकिन लूटपाट का केस दर्ज नहीं किया गया था। जबकि उसके घर से उसकी मां के 20 हजार रुपये, चांदी का छल्ला, कड़ा, सोने की लॉकेट, चांदी की चार लड़ी की माला आदि की लूटपाट की गई थी। एसओ आलोक कुमार श्रीवास्तव ने मामले में लीपापोती की बात को खारिज करते हुए बताया कि उस समय जो तहरीर दी गई,उस हिसाब से तत्काल हत्या का केस दर्ज किया गया। पुलिस गंभीरता से इस मामले के पर्दाफाश के प्रयास में है।
उधर, परिवार के लोगों ने कुछ लोगों पर शक जाहिर किया है। जो कि मृतका के परिवार में अच्छी तरह से घुले-मिले हुए हैं। माना जा रहा है कि आरोपियों को इस बात की जानकारी थी कि बासमती के पास रुपये रखे हैं। बकरी बेचकर रखे रुपयों की भी उसे जानकारी थी। संदेह के आधार पर उनमें से एक को पुलिस उठा कर पूछताछ भी कर रही है। दूसरा संदिग्ध फरार बताया जा रहा है। उसकी तलाश में टीमें लगी हुई हैं।
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यह है घटना
- शनिवार को रामपुर निवासी 75 वर्षीय बासमती देवी का शव उसके घर में पाया गया था। वह घर पर अकेली रहती थी। उसका बेटा श्याम सुंदर दिल्ली रहता है। उसकी सात बेटियां, जिनकी शादी हो चुकी है और वे सभी अपनी ससुराल में थीं। शुक्रवार रात करीब नौ बजे पांचवें नंबर की बेटी ममता ने अपनी मां से वीडियो कॉल पर बात किया था। अगले दिन शनिवार दोपहर करीब 12 बजे फिर जब उसने मां के पास फोन किया तो कोई जवाब नहीं मिला। पड़ोस के लड़के को फोन करके उसने मां के बारे में जानकारी लेने के लिए भेजा तो छत की सीढ़ी के पास पैर दिखाई दिया। आसपास के लोग इकट्ठा होकर गेट के ताले को तोडकर अंदर गए। तो देखा तो बासमती मृत पड़ी थी। कमरे में देखा तो आलमारी टूटी पड़ी थी और सामान बिखरे पड़े थे। परिजनों के अनुसार आलमारी से जेवर और नगदी गायब था।
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दर्ज है हत्या का केस
- शनिवार को शव मिलने के बाद ही पुलिस ने मृतका की बेटी सोनिया की तहरीर पर हत्या का केस दर्ज किया था। उस समय दी गई तहरीर में घर में हुई लूटपाट का जिक्र नहीं किया गया था। बाद में सोनिया और उसकी अन्य बहनों ने वीडियो जारी करके पुलिस पर गई गंभीर आरोप लगाए थे। कहा गया था कि पुलिस ने अधिकारियों के पहुंचने से पहले घर में बिखरे सामानों को अलमारी में रखवाया। ताकि लूटपाट की बात जाहिर न होने पाए।