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Basti News: फिटनेस पर विभाग सख्त...शीशा, इंडिकेटर टूटने पर नहीं मिल रहा परमिट

Thu, 18 Jul 2024 03:33 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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- स्कूल वाहनों के फिटनेस/ परमिट अपडेट किए जाने का चल रहा अभियान
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- डीटीसी परिसर में शिविर के दौरान मामूली कमियोें को भी पकड़ रहा विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सुरक्षित यात्रा में वाहनों की फिटनेस सबसे जरूरी है, क्योंकि मामूली कमियां भी यात्रा को असुरक्षित बना सकती है। तीन दिनों से परिवहन विभाग की ओर से ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर परिसर में शिविर लगातार कागजात के साथ स्कूल वाहन जांच किए जा रहे हैं। रिफ्लेक्टर, साइड मिरर, इंडिकेटर न होेने पर विभाग इन वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र बनाने से मना कर दे रहा है।
शिविर में तीन दिनों के दौरान फिटनेस एवं परमिट अपडेट कराने के लिए लगभग सौ स्कूली वाहन पहुंच चुके हैं। परिवहन विभाग की टीम प्रपत्रों की जांच के बाद इन वाहनों के फिजिकल टेस्ट भी ले रही है। इस दौरान दोनों साइड के इंडीकेटर, साइड मिरर, पार्किंग लाइट, रिफ्लेक्टर, शीशा, खिड़की, आपातकालीन खिड़की, अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड किट आदि छोटी-छोटी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
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अधिकांश वाहनों में फर्स्ट एड किट, रिफ्लेक्टर, साइड मिरर, इंडिकेटर क्षतिग्रस्त पाए जा रहे हैं। विभागीय टीम ऐसे वाहनों को लौटा दे रही है। इन कमियों को दुरुस्त कराकर लौटने पर ही फिटनेस एवं परमिट अपडेट की प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है।

50 वाहनों का फिटनेस जारी
एआरटीओ प्रवर्तन पंकज सिंह ने बताया कि जिले में 1182 स्कूल वाहन पंजीकृत हैं। इनमें से 410 वाहनों की फिटनेस एवं 365 वाहनों के परमिट समाप्त हो चुके हैैं। तीन दिनों के कैंप में विभाग ने 50 वाहनों का फिटनेस जारी किया है। कुछ वाहनों का परमिट भी जारी किया गया है। यह प्रक्रिया तभी पूरी कराई जा रही है जब अच्छी तरह से वाहन फिट पाए जा रहे हैं। प्रदूषण प्रमाणपत्र तक अनिवार्य किया गया है।
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फिटनेस के लिए अनिवार्य बातें
- शारीरिक रूप से स्वस्थ चालक।
- फ्रंट एवं बैक लाइट चालू हालत में होना अनिवार्य।
- पार्किंग लाइट, डीपर, दोनों तरफ का इंडीकेटर जरूरी।
- वाहन की बॉडी के दोनोें साइड में रिफलेक्टर।
- प्रदूषण प्रमाण पत्र।
- आपातकालीन खिड़कियों के शीशे दुरुस्त हों।
- वाहन के अंदर फर्स्ट एड किट, अग्निशमन यंत्र का होना जरूरी।


स्कूल वाहनों की चेकिंग के दौरान मामूली कमियां पकड़ में आ रही हैं, जबकि यात्रा के दौरान इनका अहम रोल होता है। साइड मिरर, रिफ्लेक्टर, शीशा, अग्निशमन यंत्र यह सब सुरक्षा के पार्ट हैं। इसे नजरंदाज नहीं करना चाहिए। शिविर के दौरान लोगों को इसके प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। हर तरह की कमियों को दूूर कराने के बाद ही इन वाहनों का फिटनेस अपडेट कराया जा रहा है।
- पंकज सिंह, एआरटीओे प्रवर्तन
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