विभाग को चकमा देकर ले रहे भत्ता
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जिले के सौ से अधिक ऐसे शिक्षक दंपति हैं जो विभाग को चकमा देकर आवासीय भत्ता का लाभ उठा रहें हैं। ऐसे लोगों के विरूद्ध कार्रवाई करना को दूर विभाग के पास शिक्षक दंपति के बारे में जानकारी तक नहीं है। नियमानुसार दोनों में एक ही आवासीय भत्ता पाने का हकदार होता है। वित्त लेखाधिकारी ने बीएसए से शिक्षक दंपतियों की सूची मांगी है।
नियमानुसार अगर एक ही जिले या फिर एक ही ब्लॉक में कोई शिक्षक दंपति कार्यरत हैं तो एक को ही आवासीय भत्ता मिल सकता है। शिक्षक दंपति की यह जिम्मेदारी है कि वह खुद यह लिखकर दें कि पति पत्नी एक साथ रह रहें हैं। वहीं विभाग की भी यह जिम्मेदारी बनती है कि वह शिक्षक दंपतियों की सूची तैयार कर वित्त लेखाधिकारी को दे ताकि उनके वेतन से आवासीय भत्ता काटा जा सके। मगर न तो अभी एक भी शिक्षक दंपति ने लिखकर दिया और विभाग ने न ही इस तरह की कोई सूची ही बनाई, जिसका नतीजा प्रतिमाह शासकीय क्षति का नुकसान होना।
एक अपुष्ट आंकड़े के मुताबिक वर्तमान समय में सौ से अधिक शिक्षक दंपति कार्यरत हैं और एक साथ एक ही आवास में रह रहें हैं। बीएसए कार्यालय के वित्त लेखाधिकारी रमेश सिंह ने बताया कि कुछ साल पहले एक सूची बनाई गई थी, जिसमें लगभग 50 शिक्षक दंपति शामिल थे। बताया कि बीएसए से शिक्षक दंपतियों की सूची मांगी गई है। वहीं बीएसए ने बताया कि सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को शिक्षक दंपतियों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।