बस्ती। सहायक संभागीय परिवहन विभाग में अभिलेखों में फर्जीवाड़ा के मामलो में ढिलाई बरती जा रही है। एक मामला मूड़घाट रोड कटरा निवासी महेंद्र श्रीवास्तव के साथ हुआ है। दो अलग-अलग डबल डेकर स्लीपर बस मालिकों ने फर्जी तरीके से आरटीओ कार्यालय में किरायेदारी का पता दे दिया। दोनों बसों की जांच हुई और महेंद्र के घर पर नोटिस पहुंचा तो उनके होश उड़ गए। क्योंकि उन्होंने किसी को किराये पर रखा ही नहीं था।
इसकी जानकारी उन्होंने आरटीओ कार्यालय को दे दी। शिकायत की कि उनके पते का धोखे के साथ प्रयोग हुआ है, मगर जानकारी देने के 8 माह बाद भी पता नहीं हटाया गया। एआरटीओ पंकज सिंह ने कहा कि मामला संज्ञान में है। औपचारिकता पूरी कर पता हटा दिया जाएगा।