दिल्ली अग्निकांड से लोगों की आंख खुल गई है। जिले में व्यापारिक प्रतिष्ठान और रिहायशी तबके के लिए बचाव के इंतजाम नाकाफी हैं। कई नामचीन प्रतिष्ठानों में तो एक ही रास्ता है और आग लगने की स्थिति में क्या होगा।
शहर में करीब आधा दर्जन मार्ट के अलावा गांधी नगर से समूचे शहर में कपड़ा, आभूषण की दुकानें हैं, जहां आग के इंतजाम नाकाफी हैं। इन प्रतिष्ठानों में आने-जाने का रास्ता एक ही है और वह भी बेहद संकरी। इन प्रतिष्ठानों ने अग्नि शमन विभाग से एनओसी भी नहीं ले रखी है। ऐसे में आग के खतरे से अंजान भारी भीड़ इन प्रतिष्ठानों में रोज पहुंचती है।
इधर, दिल्ली आग के बाद जिला प्रशासन ने कोचिंग सेंटर, मॉल्स व व्यापारिक प्रतिष्ठानों को लेकर संवेदनशीलता दिखानी शुरू कर दी है। इन केंद्रों में आग के इंतजाम की जांच में प्रशासन जुटा है। शहर और कस्बों में स्थित मॉल्स व मार्ट हैं, जिन्हें नोटिस जारी किया जा चुका है, मगर वे नोटिस का कोई जवाब आज तक नहीं दिए।
इनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। शहरी क्षेत्र के बड़े प्रतिष्ठानों की भी जांच की रणनीति बनाई गई है। इन संस्थानों का निरीक्षण कर उन्हें आग से बचाव के इंतजाम करने के निर्देश दिए जाएंगे। विनियमित क्षेत्र के एसडीएम श्रीप्रकाश शुक्ल ने कहा कि कोचिंग सेंटर व मॉल्स के अलावा बहुमंजिला प्रतिष्ठानों की जांच कर उनके अग्नि सुरक्षा इंतजाम देखे जाएंगे। यदि जरा भी कमी पाई गई तो उसे दूर करने के लिए समय दिया जाएगा। समय सीमा के भीतर खामियों को दूर नहीं किया गया तो संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
-------
जांच के आदेश
- डीएम आशुतोष निरंजन ने नगरीय क्षेत्र में स्थापित बहुमंजिली इमारतें रेस्टोरेंट, होटल, मल्टीप्लेक्स, शोरूम, कोचिंग सेंटर, प्रशिक्षण केंद्र व आवासीय आपर्टमेंट को चिह्नित कर आग सुरक्षा व आपातकाल में इमरजेंसी एक्जिट प्लान की जांच करने को कहा है।