बस्ती। दीपू हत्याकांड के आरोपी नेऊर सोनकर के बारे में कस्बे के लोग कई तरह की चर्चा कर रहे हैं। कोई उसके उग्र स्वभाव को हत्या की वजह बता रहा है तो कोई तत्काल हुए झगड़े में चोट लगना बता रहा है।
वहीं, कई लोग यह भी कह रहे हैं कि वह मछली पालन की आड़ में गांजा का धंधा करता है। पुलिस के मुताबिक गांजा बेचने के आरोप में वह एक बार जेल भेजा जा चुका है। सोमवार देरशाम मामूली कहासुनी में दीपू राजभर (20) की हत्या के बाद नगर कस्बे का माहौल एकाएक गरम हो गया। पहले तो लोग समझ नहीं पाए लेकिन जैसे ही उसकी मौत की खबर मिली,सब अवाक रह गए।
कस्बे से बमुश्किल एक किलोमीटर दूर गोसाईंजोत गांव से बड़ी संख्या में महिला-पुरुष भागते हुए थाने पर पहुंच गए। उनके तेवर देखकर पुलिस कर्मियों के भी हाथ-पांव फूलने लगे। थाना परिसर में घंटे भर तक आक्रोशित लोग हंगामा करते रहे और पुलिस बचाव की मुद्रा में दिखी।
हालात काबू में करने के लिए कलवारी और कप्तानगंज थाने की फोर्स बुला ली गई। सीओ प्रदीप कुमार त्रिपाठी ने हालांकि उन्हें समझाने की भरसक कोशिश की लेकिन भीड़ में कोई किसी की सुनने को तैयार नहीं था। वे इस जिद पर अड़े रहे कि जब तक आरोपी नेऊर पकड़कर थाने नहीं लाया जाएगा तब तक वे परिसर से नहीं हटेंगे। अधिकारियों ने 12 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने का आश्वासन देकर उन्हें वापस भेजा। संवाद