छह सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर लखनऊ में विधानसभा का घेराव करने पहुंचे लेखपालों पर लाठीचार्ज से आहत लेखपाल संघ ने सरकार से आरपार की लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में लेखपाल पांच सितंबर को कैंडिल मार्च और छह को डीएम कार्यालय पर धरने के दौरान बुद्धि शुद्धि यज्ञ करेंगे। इस बीच बीते 29 अगस्त को समाप्त हुआ धरना बृहस्पतिवार को फिर शुरू हो गया। यह धरना छह सितंबर तक चलेगा।
धरने में शामिल लेखपालों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरने की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष रामसुमेर और संचालन सदर तहसील इकाई के मंत्री धर्मेंद्र कुमार ने किया। धरना स्थल पर आयोजित सभा में लेखपाल नरेंद्र बहादुर उपाध्याय ने कहा कि सरकार ने शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे लेखपालों पर लाठीचार्ज कराकर अंग्रेजी राज की याद दिला दी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस सरकार में शांतिपूर्वक अपनी बात कहना भी किसी अपराध से कम नहीं माना जा रहा है। उन्होंने आगाह किया कि लेखपाल संवर्ग के भरोसे सपा की सरकार बन पाई थी और अब यही लेखपाल सपा को सत्ता से हटाने में अहम भूमिका निभाएंगे। जिलाध्यक्ष राम सुमेर ने कहा कि सरकार जायज मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे लेखपालों पर लाठीचार्ज कराकर अन्याय किया है।
उन्होंने चेतावनी दी कि जब मांगें पूरी नहीं हो जाएंगी, आंदोलन जारी रहेगा। लेखपाल अजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि इस सरकार को सत्ता में रहने का हक नहीं हैं। प्रदेश सरकार के मंत्री और नेता लेखपालों की समस्याओं को सुनने की बजाय लाठी के बल पर दबाना चाहते हैं। लेखपाल इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। लेखपालों ने इस सरकार के विरुद्घ आर पार की लड़ाई लड़ने का मन बना लिया है। धरने में जुगुल किशोर वर्मा ने कहा कि लेखपाल संघ इस सरकार को अब अपनी ताकत दिखाकर रहेगा। धरने में अंजनी नंदन शरण, तहसील अध्यक्ष अशोक कुमार तिवारी, विद्याधर द्विवेदी, रणधीर सिंह, विजय कुमार श्रीवास्तव, सतीश कुमार श्रीवास्तव, अनिल कुमार मिश्र, शिव मूरत प्रसाद, विजय कुमार श्रीवास्तव, शंकर, सहदेव वर्मा, सुरेश उपाध्याय, अजय वर्मा, जियालाल, रमेश श्रीवास्तव, राम सिंगार, रविंद्र, लक्ष्मण प्रसाद, जयराम गौतम, रामसागर, मनोज उपाध्याय, सुनील तिवारी, हीरालाल, गंगा प्रसाद, महेंद्र सिंह, दयाराम चौधरी, राम सजीवन गुप्त, सुरेश पटवा, रफीक अहमद, राजेश्वरी उपाध्याय, अनिल मिश्र, देवेंद्र पाल, ईश्वरचंद्र, रामरेखा, विनोद श्रीवास्तव, हरि ओम, मुरली मनोहर श्रीवास्तव, सुनील कुमार पांडेय, राजेश्वरी, रफीक अहमद सहित अन्य लेखपाल मौजूद रहे।