बार एसोसिएशन के नए पैंतरे से न्यायिक हलके में सन्नाटा है। सीजेएम अदालत में दाखिल परिवाद को प्रकीर्ण वाद के रूप में दर्ज करने के बावजूद नियत तिथि पर बुधवार को सुनवाई नहीं हो सकी। सीजेएम ने नौ दिसंबर को नई तिथि तय की है। उधर, अधिवक्ताओं ने अपना कार्य बहिष्कार व गेट मीटिंग का कार्यक्रम जारी रखा। बृहस्पतिवार को भी हड़ताल पर रहने का फैसला किया गया है।
सीजेएम ने टिप्पणी की है कि अधिवक्ता के प्रस्तुत परिवाद न्यायिक अधिकारियों एवं एक कर्मचारी के विरुद्ध है, ऐसी दशा में पोषणयता पर सुना जाना न्यायोचित होगा। परिवादी के प्रार्थनापत्र पर सुनवाई के लिए समय दिया गया है। इस मामले में मंगलवार को उस समय नया मोड़ आ गया, जब नामजद अधिवक्ता राम मणि शुक्ल ने स्पेशल जज एससीएसटी, सीजेएम सेकेंड और उनके पेशकार के खिलाफ दाखिल वाद में कहा कि न्यायिक प्रतिष्ठान के जरिए दुर्भावनापूर्वक षणयंत्र किया जा रहा है। बुधवार को अदालत के गेट पर घंटों नारेबाजी व भाषण चलता रहा। दयाशंकर दूबे, उपेंद्र नाथ दूबे, राजेश सिंह, प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव, धनंजय सिंह, रविशरण सिंह, शिव पूजन, प्रशांत , राज किशोर, सहित तमाम अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।