संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। मेडिकल कॉलेज में संचालित हिमो डायलेसिस यूनिट को अब विस्तार दिया जा रहा है। यहां अभी करीब 30 मरीजों का हर दिन तीन शिफ्ट में इलाज होता है, जबकि प्रतीक्षा सूची में 60 से 70 मरीज रहते हैं। इस नए यूनिट के स्थापित होने के बाद दोनों यूनिटों के माध्यम से करीब 50 मरीजों को लाभ मिलेगा।
मेडिकल कॉलेज को छोड़कर जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल में डायलेसिस सुविधा नहीं है। ऐसे में जरूरतमंद मरीजों को निजी सेंटरों का सहारा लेना पड़ता है। जहां करीब 25 सौ रुपये शुल्क जमा होता है। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध ओपेक चिकित्सालय कैली में यह सेवा निशुल्क है। पीपीपी माध्यम से संचालित डायलेसिस की सुविधा अभी हेरिटेज हास्पिटल के माध्यम से दी जा रही है। कैली में स्थापित इस यूनिट में दस बेड हैं, जिसे तीन शिफ्ट में संचालित किया जाता है। हर दिन करीब 30 मरीजों का डायलेसिस अभी होता है। सात बेड के इस नए यूनिट की स्थापना के बाद हर दिन डायलेसिस की संख्या करीब 50 होगी। इस यूनिट की स्थापना तीन माह के भीतर कर दी जाएगी। इससे जरूरतमंद मरीजों को राहत मिलेगी।
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बोले मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य
तीन महीने के भीतर यह नई यूनिट स्थापित कर दी जाएगी। पीपीपी माध्यम से संचालित इस सुविधा का लाभ सबसे पहले मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीजों को दिया जाता है। इसके बाद बाहर के रेफरल मरीज इसका लाभ पाते हैं। कहा कि नई यूनिट में सात बेड के माध्यम से करीब 25 मरीज हर दिन डायलेसिस करा सकेंगे। यहां यह सुविधा निशुल्क दी जाती है।
-मनोज कुमार, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज