बस्ती। लखनऊ-खलीलाबाद वाया बस्ती फोरलेन पर डग्गामार बसों ने कब्जा जमा रखा है। इससे परिवहन निगम की बसों को आम दिनों में सवारियां ढूंढे नहीं मिलती हैं और उनकी औसत कमाई प्रभावित हो गई है। बस्ती डिपो के एआरएम ने इसके लिए डग्गामार बसों को जिम्मेदार मानते हुए संभागीय परिवहन अधिकारी को दर्जन भर से अधिक बसों की सूची कई बार भेज कर कार्रवाई करने की मांग की, लेकिन नतीजा सिफर रहा है।
लखनऊ-गोरखपुर फोरलेन पर लगातार अनाधिकृत बसों का संचालन हो रहा है। इनमें ट्रैवलर से लेकर बड़ी बसें भी शामिल हैं। बस्ती के मड़वानगर व चौकड़ी टोल प्लाजा से रोजाना गुजरने वाली ऐसी बसों के संचालन ने रोडवेज को सकते में ला दिया है। इसके पहले डिपो के एआरएम आयुष भटनागर ने अपनी टीमों के जरिये पूरे फोरलेन पर सर्वे करवाया तो कुल 13 बसें ऐसी पाई गईं जो खलीलाबाद व लखनऊ के बीच अनाधिकृत रूप से बेरोकटोक संचालित हो रही हैं।
उन्होंने इसकी सूची आरटीओ को भेजते हुए प्रभावी कार्रवाई करने की मांग उठाई है। जबकि इसके पूर्व भी रोडवेज के अधिकारियों ने कई बार इस तरह का पत्र परिवहन विभाग के अधिकारियों को दिया है लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात ही रहा है।
रोका जाएगा अनाधिकृत बसों का संचालन
आरटीओ प्रशासन फरीदुद्दीन ने बताया कि ऐसी अनाधिकृत बसों के बारे में विस्तृत जानकारी ली जा रही है। उसी अनुसार उनके संचालन पर विभागीय कार्रवाई करते हुए प्रतिबंध लगाया जाएगा।