संवाद न्यूज एजेंस बस्ती। बेतहाशा बढ़ते ऑनलाइन लेनदेन के बीच साइबर अपराधियों को साइबर अटैक करने का खुलकर मौका दे दिया है। लोगों की कम जानकारी का फायदा उठाते हुए साइबर अपराधी तरह-तरह की तरकीब इस्तेमाल कर रुपये उड़ा रहे हैं। नया मामला डिजिटल अरेस्ट और आपत्तिजनक सामग्री देखने का आरोप लगाकर सीधे-सादे इंसान को चूना लगा दिया।
जानकार बताते हैं कि जिले में डिजिटल ठगी का खतरनाक ट्रेंड लगातार बढ़ रहा है। एक साल में ऐसे 10 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। इनमें विदेशी नंबरों, जांच एजेंसी, पुलिस अधिकारी, फोन टैपिंग या मनी लॉन्ड्रिंग जैसे झांसे का इस्तेमाल कर लोगों से पैसों की वसूली की गई। अधिकतर मामलों में पीड़ित को पहले वीडियो कॉल में फंसाया गया, फिर वर्चुअल कोर्ट, वर्चुअल वकील, वर्चुअल पुलिस अधिकारी जैसे नकली किरदार दिखाए गए।
साइबर विशेषज्ञ सत्येंद्र भूषण त्रिपाठी बताते हैं कि साइबर ठग सबसे पहले पीड़ित को यह कहकर डराते हैं कि उसका मोबाइल, आधार या बैंक खाता किसी गंभीर अपराध में इस्तेमाल हुआ है।
वे खुद को पुलिस, कोर्ट या साइबर एजेंसी का अधिकारी बताकर कहते हैं कि तुरंत सहयोग नहीं किया तो डिजिटल अरेस्ट, वारंट, बैंक सीलिंग या गिरफ्तारी हो जाएगी। लगातार धमकी और दबाव में पीड़ित घबरा जाता है और ठग उसके डर का फायदा उठाकर पैसे ट्रांसफर करा लेते हैं।