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हर तीसरे दिन हो रहा साइबर अपराध

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कभी बैंक कर्मी तो क्रेडिट कार्ड का लालच देकर उड़ाई गई रकम
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साल भर में साइबर क्राइम के 164 केस दर्ज, 110 का ही हुआ पर्दाफाश
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। कोरोना संक्रमण के वक्त भी साइबर अपराधियों ने वारदातों में पिछले वर्षों का रिकार्ड तोड़ दिया। आंकड़े तो यही बयां कर रहे हैं। वर्ष 2020 बीतने को। इस वर्ष अब तक 164 मामले सामने आए। इसमें से 110 का साइबर थाने की पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया। वर्ष 2019 में 121 और 2018 में 86 केस दर्ज हुए।
शातिरों फर्जी वेबसाइट, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया अकाउंट और ईमेल का सहारा लेकर लगातार आनलाइन गाढ़ी कमाई लूटते रहे। कभी बैंक कर्मी तो क्रेडिट कार्ड का लालच देकर रकम उड़ाने के भी कई मामले साइबर सेल के सामने आए।
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आईआरसीटीसी की वेबसाइट हैक करके तत्काल टिकट बनाने वाले और बैंक मैनेजर के खाते से 67 लाख रुपये उड़ाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करने के साथ ही पुलिस की साइबर और सर्विलांस टीम ने 110 मामलों का पर्दाफाश किया।
चूक पड़ रही भारी : एसपी
एसपी हेमराज मीणा का कहना है कि लोगों की सारी लेनदेन ऑनलाइन होने लगी है। सबके खाते लिंक हैं। लोग छोटी-छोटी सावधानियां बरतने में चूक कर जाते हैं। यही साइबर क्राइम का कारण बनता है। जहां तक हो सके ई-बैंकिंग की सावधानियों का पालन किया जाए। पुलिस का साइबर सेल भी तकनीकी तौर पर सुदृढ़ है।
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इस तरह होती साइबर ठगी
- क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड की जानकारी जुटाकर।
- फर्जी शॉपिंग साइट और ई-कॉमर्स पोर्टल बनाकर।
- कोविड केयर या मानवता के नाम पर।
- नौकरी का विज्ञापन निकालकर।
- पीएम केयर फंड और प्रधानमंत्री बीमा योजना के नाम पर।
- ई-कॉमर्स वेबसाइट पर सामान बेचने और खरीदने के नाम पर।
- ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग के मामले।
- फेसबुक और मैट्रिमोनियल वेबसाइट से दोस्ती करके।
- इंश्योरेंस पॉलिसी मैच्योर होने या पॉलिसी पर कैश बैक के नाम पर।
बरतें सावधानी
- क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड और ओटीपी किसी को न बताएं।
- यदि कोई सिम, एटीएम या क्रेडिट कार्ड ब्लॉक होने की बात कर आपसे कोई ऐप या क्यूआर कोड स्कैन बिल्कुल न करें।
- ऑन लाइन शॉपिंग करते समय सामान की कीमत को जरूर देखें, कहीं ऐसा तो नहीं किसी ने सामान पर ज्यादा छूट दी हुई हो। ऐसी साइट से सामान खरीदते समय सावधानी बरतें।
- अगर ऑनलाइन आपको सामान खरीदते समय साइट पर शक हो तो कैश आन डिलीवरी के ऑप्शन पर जाकर ठगी से बच सकते हैं।
- यदि कोई कोविड के नाम पर आपस से मदद मांगे तो बिना पड़ताल के किसी को भी रुपये न दें।
- सरकारी योजनाओं और सरकारी विभागों से जुड़ी लाभकारी योजनाओं के लिए रुपया खर्च करने से पूर्व इन साइट्स की अच्छी तरह पड़ताल कर लेना चाहिए।
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