सरकारी धन की बर्बादी देखनी हो तो गनेशपुर, गौरा गड़वल, बंधुआ, डमरुआ जंगल, सिक्टा ग्राम पंचायत के वन्य क्षेत्रों के आस पास का इलाका देखा जा सकता है। इन क्षेत्रों में पुलिया, नाला आदि के नाम पर जमकर सरकारी धन की बरबादी की गई है। गुणवत्ता विहीन और अधूरा निर्माण कराकर पूरा पेमेंट ले लिया गया है। कार्यस्थल पर कार्य से संबधित बोर्ड न लगवाने के कारण यह भी पता नहीं चल पा रहा है कि कार्य किस कार्यदाई संस्था ने कराए, कब कराए और उसकी कितनी लागत है।
शहर से पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित गनेशपुर, उससे सटे गौरा गड़वल, बंधुआ, सिक्टा, डमरुआ आदि ग्राम पंचायतों के उन हिस्सों में जो वन्य क्षेत्र या उससे सटे हैं में पुलिया निर्माण, नाला निर्माण नाम के नाम पर जमकर खेल किया गया है। बानगी के तौर गनेशपुर के बेलवाजोर गांव से सिक्टा गांव की ओर जाने वाले मार्ग पर गौरा गड़वल गांव के पुरवा टोले से कुछ दूरी पर महज 50 मीटर की दूरी पर दो पुलिया का निर्माण कराया गया है। इनमें एक चार साल पहले बनवाया गया था जो पूरी तरह ध्वस्त हो गया है। इसके ठीक आगे एक पुलिया बनी है, जिसके बारे में बताया जाता है कि यह एक वर्ष पूर्व बनवाया गया है। पुलिया के ऊपर का एक हिस्सा टूट कर गिर गया है। इतना ही नहीं इसका एप्रोच भी नहीं बनवाया गया है। ठीक इसी प्रकार अंधेड़ी जंगल में दो स्थानों पर पुलिया का निर्माण गुणवत्ता विहीन कराया गया है, इसका भी एप्रोच नहीं बनवाया गया है। वहीं बंधुआ जंगल में मानक के विपरीत नाला का निर्माण कराया गया है। इस नाले का वहां को कोई औचित्य नजर नहीं आ रहा है।
यदि इन स्थानो पर पुलिया, नाला आदि के निर्माण में अनियमितता बरती गई है और सरकारी धन का गोलमाल किया गया है तो इस मामले की जांच कराई जाएगी। कार्यदाई संस्था की जानकारी लेकर संबधित पर कार्रवाई की जाएगी।
अंजनी कुमार सिंह, सीडीओ, बस्ती।