बस्ती। श्रावण मास के दूसरे सोमवार को शिवभक्त अपने आराध्य के दर्शन को उमड़ पड़े। भद्रेश्वरनाथ समेत शहर और देहात के सभी शिव मंदिरों पर भक्तों ने भोलेनाथ को आस्था के जल से सराबोर कर दिया। उधर, हेलिकाॅप्टर से श्रद्धालुओं पर फूलों की वर्षा की गई। इसके लिए उद्यान विभाग की तरफ से एक क्विंटल गेंदा व गुलाब फूल का प्रबंध किया गया।
कमिश्नर अखिलेश सिंह, आईजी आरके भारद्वाज, डीएम प्रियंका निरंजन और एसपी गोपाल कृष्ण चौधरी हेलिकाॅप्टर में बैठकर भद्रेश्वरनाथ, तिलकपुर समेत कई मंदिरों पर पहुंचे शिवभक्तों के ऊपर फूल बरसाए। कमिश्नर और आईजी ने संतकबीरनगर के तामेश्वरनाथ मंदिर के ऊपर से श्रद्धालुओं पर फूल बरसाए।
शिव भक्ति के लिए सबसे पवित्र मास कहे जाने वाले श्रावण माह में वैसे भी शिवालयों पर गहमागहमी बढ़ जाती है। दूसरे सोमवार को अपेक्षा से अधिक जन समूह देखने को मिला। भद्रेश्वरनाथ मंदिर पर रात एक बजे से ही शिव भक्त पहुंचने लगे थे। भोर होते-होते जल चढ़ाने वालों का तांता लग गया। लोगों ने फूल, बेल पत्र, अक्षत, भांग, धतूरा लेकर महादेव का जलाभिषेक किया। देवरिया, तिलकपुर, भारीनाथ, महादेवा, हरदेवनाथ के अलावा शहर के अमहट घाट, कमिश्नर आवास के निकट, कंपनी बाग नरहरिया, कटरा शिव मंदिर के अलावा अन्य सभी शिवमंदिरों में भी श्रद्धालुओं ने भोलेनाथ को जल चढ़ाया।
शाम तक इक्का-दुक्का श्रद्धालु जल चढ़ाने के लिए पहुंचते रहे। बड़ी संख्या में लोगों ने रुद्राभिषेक भी कराया। भद्रेश्वरनाथ मंदिर के आसपास स्थित धर्मशाला में दिन भर भंडारा चलता रहा। दूर दराज से आए श्रद्धालु भंडारे में शामिल हुए। कुदरहा, गायघाट, कलवारी, दुबौलिया, छावनी, विक्रमजोत, हर्रैया, कप्तानगंज, महराजगंज, गोटवा, पैकोलिया, गौर, दुबौला, टिनिच, परशुरामपुर, सोनहा, भानपुर, सल्टौआ, मानिकचंद, वाल्टरगंज, रुधौली, मुंडेरवा, नगर बाजार, बहादुरपुर, बनकटी, महादेवा, लालगंज प्रतिनिधियों के मुताबिक बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने क्षेत्र के शिव मंदिरों पर जलाभिषेक किया।
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सोमवती अमावस्या ने बनाया खास
सोमवती अमावस्या की वजह से सावन का दूसरा सोमवार और भी खास बन गया था। बड़ी संख्या में महिलाओं ने वट वृक्ष, पीपल के वृक्ष की पूजा की और 108 बार परिक्रमा करके परिवार के कल्याण का वर मांगा।
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सोमवार को ही पड़ेगी नागपंचमी और सोम प्रदोष
इस बार का श्रावण मास खास रहेगा। एक तो श्रावण का अधिकमास आ रहा है। दो श्रावण होने से इसमें भी कई सोमवार को अनेक दुर्लभ संयोग बन रहे हैं। दूसरे सोमवार पर सोमवती अमावस्या पर्व के बाद छठे सोमवार 21 अगस्त को नागपंचमी का पर्व है। इतना ही नहीं आखिरी सोमवार 28 अगस्त को प्रदोष का व्रत भी रहेगा। इसे सोम प्रदोष पर्व कहेंगे। सोम प्रदोष का भी यहां बड़ा महत्व होता है। श्रावण में होने से यह पर्व और भी खास हो जाएगा।