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Basti News: कवि, साहित्यकार अपने दायित्वों से मुंह नहीं मोड़ते

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-डॉ. वीके वर्मा की काव्य संग्रह ‘ कोविड-19’ का विमोचन, आने वाली पीढ़ी के लिए दस्तावेज बनेगी-जुगानी
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। आयुष चिकित्साधिकारी डॉ. वीके वर्मा के कोरोना पर केंद्रित काव्य संग्रह ‘ कोविड-19’ का विमोचन मुख्य अतिथि कवि डॉ. रविन्द्र श्रीवास्तव जुगानी भाई ने किया। इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस बसुआपार में कवियों व साहित्यकारों को सम्मानित भी किया गया।
मुख्य अतिथि ने कहा कि कवि, साहित्यकार अपने दायित्वों से मुंह नहीं मोड़ते। डॉ. वीके वर्मा का प्रयास सराहनीय है। निश्चित रूप से उनकी कृति कोविड-19 आने वाली पीढि़यों के लिए दस्तावेज बनेगी। यह कृति लोक संवेदना पर केंद्रित है। समालोचक डॉ. रघुवंशमणि त्रिपाठी, वरिष्ठ पत्रकार दिनेश चंद्र पाडेय, डॉ. सत्यव्रत, डॉ. रामकृष्ण लाल ‘जगमग’ ने कोविड-19 के विभिन्न पहलुओं की विवेचना किया।
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अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. फकरेयार हुसैन ने कहा कि एक चिकित्सक के रूप में डॉ. वर्मा ने संवेदनशीलता का परिचय दिया है। डॉ. वीके वर्मा ने कहा कि निश्चित रूप से कोरोना मानव जीवन के समक्ष बड़ी चुनौती थी, मैंने एक चिकित्सक और कवि दोनों की भूमिका में स्वयं को प्रस्तुत करने का प्रयास किया है।
निराला साहित्य एवं संस्कृति संस्थान की ओर से आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि डॉ. ज्ञानेंद्र द्विवेदी दीपक और संचालन एवं संयोजन डॉ. जगमग ने किया। कार्यक्रम के दूसरे चरण में डॉ.‘जगमग’ के संचालन में छात्राओं ने मां सरस्वती की वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत किया।
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कवि सम्मेलन में डॉ. रविंद्र श्रीवास्तव जुगानी, डॉ. ज्ञानेंद्र द्विवेदी दीपक, कवियत्री डॉ. अंजना कुमार, सत्येंद्रनाथ ‘मतवाला’ विनोद कुमार उपाध्याय, अफजल हुसैन अफजल, अनवार पारसा, अर्चना श्रीवास्तव, डॉ. अजीत श्रीवास्तव ‘राज’, अजय श्रीवास्तव ‘अश्क’ आदि ने रचनाएं प्रस्तुत कीं।
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