बभनान क्षेत्र के प्राइवेट दुकान पर खाद खरीदने पहुंचे किसान-संवाद
बभनान। धान और गन्ने की फसलों में खाद डालने के अहम समय पर गौर विकास खंड में यूरिया की किल्लत गहरा गई है। मांग के अनुरूप सहकारी समितियों पर यूरिया उपलब्ध नहीं होने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जहां भी खाद की खेप पहुंच रही है, वहां किसानों की भारी भीड़ उमड़ रही है और यूरिया लेने के लिए मारामारी की स्थिति बन जा रही है।
बता दें कि गौर विकास खंड में कुल 13 सहकारी समितियां हैं। इनमें सावंडीह, परासडीह, महुआडाबर, सेमरा, कठौतिया और डेगरहा समेत कई समितियों पर बुधवार तक यूरिया का स्टॉक समाप्त हो चुका था। इससे कई केंद्रों पर वितरण कार्य भी बंद हो गया है। यूरिया की कमी का फायदा निजी उर्वरक विक्रेता उठा रहे हैं। हलुवा बाजार, कंचनपुर, सावंडीह, बभनान बाजार सहित अन्य स्थानों पर निजी प्रधानमंत्री समृद्धि केंद्रों पर यूरिया 330 से 340 रुपये प्रति बोरी तक बेची जा रही है, जबकि सहकारी समितियों पर इसकी निर्धारित कीमत 270 रुपये प्रति बोरी है। पड़ताल में कई निजी दुकानों पर यूरिया 340 रुपये प्रति बोरी की दर से बिकती मिली। दुकानदारों का कहना है कि उन्हें जिले से ही खाद अधिक कीमत पर मिलती है, इसलिए किसानों को भी ऊंचे दाम पर बेचनी पड़ती है। किसान दीनबंधु, रामजतन और कृपाशंकर ने आरोप लगाया कि कृषि विभाग निजी दुकानों की कीमतों की नियमित जांच नहीं करता। इसी वजह से दुकानदार मनमाने दाम वसूल रहे हैं।
इस संबंध में एडीओ सहकारिता राजीव लोचन पाठक ने बताया कि मौजूदा समय में समितियों से यूरिया की डिमांड भेजी गई है। जल्द ही यूरिया खाद उपलब्ध हो जाएगा। बताया कि ऊंचे दामों पर प्राइवेट दुकानदारों द्वारा पैसे लेकर बेचने की जानकारी नहीं है।