बस्ती। रक्षाबंधन के चलते शुक्रवार को रोडवेज बसों में यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ी। महिलाओं के लिए सरकार की ओर से निशुल्क यात्रा की सुविधा दिए जाने से आजमगढ़, गोरखपुर, अयोध्या, सिद्धार्थनगर, अंबेडकरनगर और खलीलाबाद जाने वाले मार्गों पर सवारियों की संख्या बढ़ गई। बस्ती डिपो की सभी 140 बसें संचालित होने के बावजूद भीड़ के आगे बसें कम पड़ गईं। यात्रियों को बसों के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा।
सुबह से ही रोडवेज डिपो परिसर और आसपास के प्वाइंटों पर यात्रियों की भीड़ जुटने लगी। बस के पहुंचते ही उसमें सवार होने के लिए यात्रियों में होड़ मच गई। सीट पाने के लिए महिलाओं को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी। कई बसों में सीट नहीं मिलने पर महिलाओं ने खड़े होकर सफर किया। इसके बावजूद मायके जाने को लेकर उनमें खासा उत्साह नजर आया।
महिला यात्रियों ने बताया कि रक्षाबंधन पर मायके जाने की खुशी के आगे सफर की परेशानी कम महसूस हो रही है। निशुल्क यात्रा की सुविधा मिलने से किराये का बोझ भी नहीं पड़ा। दिल्ली, लखनऊ, कानपुर, मेरठ, प्रयागराज और वाराणसी जाने वाली बसों में भी महिलाओं की संख्या अधिक रही। बस्ती डिपो की 140 बसों में 102 निगम की और 38 अनुबंधित बसें शामिल हैं। निगम के अनुसार, करीब 40 हजार यात्रियों ने निशुल्क यात्रा का लाभ लिया।
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भीड़ बढ़ी तो अतिरिक्त बसें चलानी पड़ीं
यात्रियों की संख्या बढ़ने पर निगम प्रशासन ने बांसी, डुमरियागंज, अकबरपुर, गोरखपुर और गोंडा मार्ग पर अतिरिक्त बसें संचालित कीं। दिल्ली मार्ग की कुछ बसों को लखनऊ रूट पर भेजा गया। इसके अलावा बसों के फेरे भी बढ़ाए गए। जरूरत के अनुसार कुछ मार्गों की बसों को दूसरे रूट पर संचालित किया गया। यात्रियों की सहायता के लिए रोडवेज कर्मियों की तैनाती की गई थी। कर्मी यात्रियों को बसों के आने-जाने और रूट की जानकारी देते रहे। महिलाओं के लिए निशुल्क यात्रा की योजना 29 अगस्त की मध्य रात्रि तक प्रभावी रहेगी।
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मजबूरी में खड़े होकर किया सफर
बस स्टैंड पर बस पहुंचते ही यात्रियों की भीड़ उसमें सवार हो जा रही थी। सीट नहीं मिलने पर कई महिलाओं समेत अन्य यात्रियों को खड़े होकर सफर करना पड़ा। लंबी दूरी के यात्रियों को भीड़ के कारण अधिक परेशानी हुई। पूरे दिन बस स्टैंड परिसर में यात्रियों की आवाजाही बनी रही।
कोट
सभी बसें ऑन रूट रहीं, बसों के फेरे भी बढ़ाए गए। भीड़ अधिक होने पर जरूरत के अनुसार कुछ मार्गों की बसों को दूसरे रूट पर भेजना पड़ा। यात्रियों को असुविधा न हो, इसके लिए कर्मियों की तैनाती की गई है।
-कल्पना श्रीवास्तव, एआरएम, बस्ती।