-औसतन प्रत्येक दिन 80 कॉल अग्निशमन विभाग के पास आ रही, अप्रैल में 300 जगहों पर लग चुकी आग
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जिले में आग लगने की घटनाएं अधिक हो रही हैं। लापरवाही फसल व आशियाने पर कहर बनकर टूट रही है। दिन में औसतन 80 कॉल अग्निशमन विभाग के पास आ रही है। अप्रैल में 300 जगहों पर आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं। जागरूक करने के बाद भी लोग अपनी आदत से बाज नहीं आ रहे हैं और बीड़ी सिगरेट जलता हुआ उधर-उधर फेंक दे रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, अप्रैल माह में आग लगने की घटनाओं में इजाफा हुआ है। सीमित संसाधनों में आग पर नियंत्रण करने में समस्या आ रही है। नगर पालिका से टैंकर भी अग्निशमन विभाग ने लिया है। तेज हवा के कारण आग का चिंगारी कहीं भी गिर रही है तो विकराल रुप धारण कर ले रही है। गर्मी के मौसम के पहले ही लोगों को बचाव के प्रति जागरूक किया गया था, लेकिन इसका असर नहीं दिख रहा है। लापरवाही के कारण पलभर में सब कुछ जलकर राख हो जा रहा है। अग्निशमन विभाग के संसाधनों की बात करें तो धनेवा व सिसवा बाजार में पहले से ही अग्निशमन केंद्र संचालित हैं, जबकि निचलौल तहसील क्षेत्र में एक केंद्र निर्माणाधीन है।
फरेंदा व नौतनवा तहसील में भूमि मिलने के बाद भी अभी तक वहां पर केंद्र का निर्माण शुरू नहीं हो सका है। इसके कारण पूरे जिले में आग से बचाव के लिए प्रबंध धनेवा व सिसवा केंद्र के वाहनों व कर्मियों के भरोसे ही होता है। जिले में वाहनों की उपलब्धता पर नजर डालें तो तीन वाटर टेंडर (बड़े वाहन), तीन वाटर मिस्ट वाहन (400 लीटर क्षमता वाले) तथा तीन बोलेेरो कैंपर (पंप के साथ) उपलब्ध हैं। ये नौ वाहन जिले की आवश्यकता को देखते हुए नाकाफी हैं। 12 ब्लॉक वाले इस जिले में कई जगहों पर आग लगने के बाद नियंत्रण करने में मुश्किल हो रही है।
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कंट्रोल रूम में सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंचती है। उपलब्ध संसाधनों में आग की घटनाओं पर नियंत्रण करने की कोशिश जा रही है। लोगों को बचाव के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। सिर्फ दिन में करीब 80 कॉल से अधिक कंट्रोल रूम में आ रही है।
-जशबीर सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
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आग की चपेट में आने से पंपिंग सेट और भूसा जला
बागापार। सदर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सभा बेलवाकाजी के पश्चिम में स्थित खेतों में रविवार को पकड़ी जंगल से निकली चिंगारी से खेत में पड़े डंठल में अचानक आग लग गई। आगजनी में बेलवाकाजी निवासी रुदल का पंपिंग सेट मशीन व झोपड़ी में रखा तीन ट्राली भूसा जलकर राख में तब्दील हो गया। ग्रामीण राजकिशोर चौहान, झिनकू वर्मा, गोविंद राय, चंद्रकिशोर, जितेंद्र ने बताया कि पकड़ी जंगल में आग लगी थी। रविवार को जंगल से निकली चिंगारी से सिवान में आग लग गई। आग विकराल रूप धारण कर गांव की तरफ तेजी से बढ़ने लगा। गांव के लोग अपने अपने खेतों में पंपिंग सेट से पानी चलाने लगे। आगजनी से रुदल का पंपिंग सेट मशीन व झोपड़ी में रखा तीन ट्राली भूसा जलकर राख हो गया। ग्रामीण सड़कों पर निकल आए। अफरा-तफरी का माहौल हो गया था बागापार चौकी के पुलिसकर्मी भी आग को बुझाने में जुट गए थे।
जान बचाने के लिए इधर उधर भागते रहे जंगली जानवर
संवाद न्यूज एजेंसी
निचलौल। वन रेंज के जंगल में रविवार को संदिग्ध परिस्थितियों में अचानक आग लग गई। आग से सैकड़ों एकड़ जंगल जलकर राख हो गया। वहीं जंगली जानवर इधर-उधर भागकर अपनी जान बचाने में जुटे रहे। हालांकि कुछ जानवर आग की चपेट में आकर जल भी गए। इतना ही नहीं जंगल से बाहर निकली आग ने लेदी फॉर्म में लगी सात एकड़ गेहूं की फसल और रखी मशीन जलाकर राख कर दिया। लेदी रामचंद्रही गांव निवासी दीपक, कमलेश, भूपेश यादव, श्रीकांत ने कहा की वन रेंज के निचलौल बीट के जंगलों में संदिग्ध परिस्थितियों में अचानक आग लग गई। आग लगने की सूचना वन कर्मियों के साथ ही दमकल विभाग को दी गई। फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी अपनी टीम को साथ लेते हुए घंटों की मशक्कत के बाद जंगल के बाहर निकल लेदी फॉर्म में पहुंची आग पर किसी तरह काबू पा लिया। निचलौल वन क्षेत्राधिकारी सुनील राव ने कहा की जंगल में आग लगने की सूचना मिलने के बाद तत्काल मौके पर टीम के साथ पहुंचे।
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इन उपायों को करके आगे से बचाव करें
-जलते हुए बचे बीड़ी के टुकड़े को पैर से कुचलकर तथा पूर्णरूप से बुझाकर फेंकिए।
-खलिहान, तालाब के निकट या अन्य पानी के साधनों के निकट स्थापित कीजिए।
-खलिहान के चारों ओर पानी के भरे घड़े व मिट्टी के ढेर, उपलब्ध रखिये।
-खलिहान से कम से कम 100 फुट की दूरी पर खाना बनाइये या धूम्रपान कीजिए।
- खलिहान व मकान, रेलवे लाइन से कम से कम 100 फुट की दूरी पर बनाइए।
-पुआल व कण्डों के ढेर को पूर्ण रूप से सूख जाने पर निवास स्थान से कम से कम 100 फुट की दूरी पर रखें।
-चूल्हे के ईंधन की चिंगारियों व गरम राख को पूर्ण रुप से ठंडा करके अगले दिन
फेके।
- रसोई घर की छत टीन सेड में बनाइये, अगर फूस की बनाइये तो उसके अंदर की ओर मिट्टी का लेप लगाइयें।
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आग का विकराल रूप देख सहमे लोग
बृजमनगंज। थाना क्षेत्र के ग्राम ग्राम पंचायत महुलानी व ग्राम पंचायत नयनसर में रविवार दोपहर बाद फसल के अवशेष में आग लग गई। चल रही तेज पछुवा हवा में आग की लपटें गांव की ओर तेजी बढ़ने लगी और देखते ही देखते,आग महुलानी के चौरी, और नयनसर के टीकुर गांव के अगल बगल पहुंच गई। समय रहते यदि आग पर काबू नहीं पाया गया होता तीन गांव इसके चपेट में आ जाते। संवाद