बस्ती। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश इंतेखाब आलम की अदालत ने पति की हत्या
आरोप में पत्नी और उसके प्रेमी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों
25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
इसे अदा न करने पर एक
वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।शासकीय अधिवक्ता लालजी यादव ने
अदालत को बताया कि संतकबीरनगर जिले की खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र के पठान
टोला निवासी शमीम ने 13 अगस्त 2005 को बस्ती के मुंडेरवा थाने में हत्या का
केस दर्ज कराया था।
इसमें कहा गया था कि उसका सगा भाई शमीउल्लाह पत्नी
जाहिदा बेगम के साथ जलकल रोड माली टोला में रहता था। जाहिदा के संबंध
खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र के नौव्वा गांव निवासी अब्दुल जाहिद उर्फ बब्बू
से थे।
इसी को लेकर शमीउल्लाह और पत्नी जाहिदा बेगम के साथ अक्सर झगड़ा
होता था। जाहिदा और बब्बू योजना बनाई। इसके अनुसार 11 अगस्त 2005 रात्रि
में शमीउल्लाह, प्रेमी जाहिद उर्फ बब्बू, जाहिदा बच्चों के साथ खलीलाबाद के
एक हाल में पिक्चर देखने गए। वहां से जाहिदा बेगम बच्चों के साथ वापस तो आ
गई, मगर उसका भाई वापस नहीं आया।
आरोप है कि जाहिदा ने अपने प्रेमी
बब्बू के साथ मिलकर पति की हत्या करवाकर उसका शव मुंडेरवा थाना क्षेत्र के
भांटपार गांव के पुलिया में फेंक दिया था।
विवेचना में दोनो का नाम प्रकाश
में आया था। साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने दोनों को हत्या के मामले में
दोषी पाया। इस आधार पर दोनों पर आजीवन कारावास और अर्थदंड से दंडित किया।