बस्ती। चंदन बोस की हकीकत सामने आने के बाद उसके ससुराल वाले ही नहीं कैथेली गांव के सारे लोग दंग रह गए। शादी के बाद वह पहली बार ससुराल आया था। लुधियाना वाले तिवारी जी का दामाद होने के नाते सभी लोग उसे बड़ी इज्जत की दृष्टि से देखते थे लेकिन जब वह पुलिस के हत्थे चढ़ा और पुलिस ने गांव वालों को उसकी असलियत बताई तो गांव भर को जैसे सांप सूंघ गया।
गांव के यमुना तिवारी, राम बचन, माखन यादव, राम कुमार, राम जीत, गुलाब चंद, रामा यादव सरीखे तमाम लोगों ने गुरुवार को बताया कि उसकी कहीं भी संदिग्ध गतिविधि तो नहीं दिखी लेकिन गांव के युवाओं से वह तेजी से संपर्क बढ़ा रहा था। उन्हें एक जुट होने का पाठ पढ़ा रहा था। गांव के एक युवक ने बताया कि वह उससे चार-पांच लोगों की टोली बनाने की बात करता था,जिनमें कुछ कर गुजरने की हसरत हो। चंदन बोस गांव के युवाओं को लुधियाना ले जाने की बात करता था।, मजे की बात यह है कि वह जिस भी युवक को लुधियाना ले जाने की बात करता था, उन्हें इस बात की चर्चा न करने की हिदायत भी देता था। हालांकि उसकी पत्नी पूनम को उसके रग-रग की जानकारी थी। चंदन किसी खास लेकिन खतरनाक मुहिम पर लगा है, इसका अंदेशा उसे था। संभवत: चंदन के भय से उसने इस बाबत अपना मुंह नहीं खोला।
दो जून को मथुरा के जवाहरबाग कांड में चंदन बोस भी घायल हुआ था। उसके पैर में गहरा जख्म था और इलाज के लिए सुरक्षित ठिकाने की तलाश थी। ससुराल को उसने सुरक्षित ठिकाना समझा और पत्नी के साथ यहां आ गया। लेकिन वह यहां भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। जवाहर बाग की घटना के बाद चंदन पहले ही सुर्खियों में था। पुलिस उसके पीछे पड़ी ही थी। कैथेली गांव में उसकी मौजूदगी की चर्चा होते ही दबोच लिया गया।
पति छोड़ चंदन की हो गई थी पूनम
चंदन जिस पूनम को अपनी ब्याहता पत्नी बताता है, वह असल में ब्याहता नहीं है। पूनम की शादी दुबौलिया थानाक्षेत्र में हुई थी। पति को छोड़कर वह पहले मायके गई और वहां से अपने भाई के साथ लुधियाना गई। पड़ोस में चंदन भी रहता था। यहीं पर पूनम का आमना सामना चंदन से होता था। उसी दौरान दोनों की नजदीकी बढ़ी और पति-पत्नी की तरह रहने लगे। गांव में लोग बताते हैं कि यहां बताया गया था कि बंगाली ब्राह्मण से उसकी दूसरी शादी हुई है।