मनरेगा के तहत कच्चे के काम में जिम्मेदारों की मौज है। बारिश का मौसम देखते ही फर्जीवाड़े की पटकथा लिखी जानी शुरू जाती है। ताजा मामला बर्डपुर ब्लॉक का है। यहां एक गांव में जहां मस्टर रोल की मंजूरी के बगैर पोखरे की तीन चौथाई खुदाई हो गई, वहीं दूसरे गांव में तीन माह पहले खोदे गए पोखरे का अब मस्टर रोल भरा जा रहा है, जबकि पोखरे में पिछले एक माह से पानी से भरा हुआ है।
मनरेगा के नियमों के तहत ग्राम पंचायत स्तर पर किसी भी कार्य को मंजूरी के बाद मस्टर रोल तैयार करना होता है। इसकी मंजूरी मिलने के बाद काम आरंभ कराया जाता है। इसके विपरीत बर्डपुर ब्लाक के बर्डपुर नंबर-3 ग्राम पंचायत के सिकंदरपुर (सीतापुर) टोले में पोखरे की खुदाई तीन माह पूर्व मार्च में कराई गई। तब सत्र 2015-16 का अंतिम समय चल रहा था।
इस कार्य के लिए मस्टर रोल अब 2016-17 में पेश किया गया है, जिसे अभी ब्लॉक से मंजूरी का इंतजार है। सवाल यह है कि जब मस्टर रोल अब पेश हुआ है तो पहले काम कैसे हो गया। यही नहीं, अगर मार्च में ही काम हुआ है तो फिर तीन माह बाद खोदाई की जरूरत क्यों पड़ रही है। जवाब चाहे जो भी हो, मगर जिम्मेदारों की मंशा इसमें साफ झलक रही है। ऐसा ही एक अन्य मामला है बर्डपुर नंबर 11 ग्राम पंचायत का। यहां टोला पिपरी में पूर्व माध्यमिक विद्यालय से सटे पश्चिम तरफ स्थित पोखरे की खुदाई जोरों पर है। करीब तीन चौथाई खुदाई पूरी कर ली गई है, जबकि इस कार्य के लिए भी मस्टर रोल अभी मंजूर नहीं हुआ है। जानकारों की मानें तो यह दो मामले सिर्फ नजीर हैं।
पूरे विकासखंड में मनरेगा के तहत ऐसे ढेरों काम हुए हैं, जिसमें मस्टर रोल की मंजूरी नहीं मिली है। मानक के विपरीत काम हुआ है। अब बारिश शुरू होने के बाद मिट्टी के इन कामों पर पर्दा डालने की कवायद शुरू हो गई। इस संबंध में बर्डपुर नंबर तीन के ग्राम पंचायत अधिकारी अनिल मिश्र ने बताया कि पोखरा खुदाई का काम कई चरण में हुआ है। अलग-अलग मस्टर रोल बने हैं। कुछ मजदूरों की मजदूरी बकाया होने की जानकारी मिली है। शीघ्र भुगतान कराया जाएगा। वहीं ग्राम प्रधान फरहत हुसैन ने मजदूरों का जॉब कार्ड व बैंक पासबुक अपने पास होने के आरोपों को निराधार बताते हुए शीघ्र मजदूरी दिलाने की बात कही।
बर्डपुर नंबर 11 के सेक्रेट्री उमेश चंद्र पटेल पहले तो टालमटोल करते रहे। बाद में कहा कि पोखरे की खुदाई का मस्टर रोल कब बना था, यह याद नहीं है। रिकार्ड देखकर बता सकेंगे। काम में कोई गड़बड़ी नहीं की गई है। बर्डपुर ब्लॉक की सहायक परियोजना अधिकारी सीमा सोनकर ने बताया कि मनरेगा में बिना मस्टर रोल के मनरेगा के तहत कोई काम नहीं कराया जा सकता। बर्डपुर नंबर तीन व 11 का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। रोजगार सेवक से पूछताछ की जाएगी।जिला परियोजना समन्वयक मनरेगा उमेश चंद्र तिवारी ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। अगर बिना मस्टर रोल के काम कराया गया है तो गलत है। इसकी जांच कराकर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।