हर्रैया/विक्रमजोत।
मंगलवार को हर्रैया तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान अचानक हंगामा शुरू हो गया। लोगों ने देखा कि छावनी कस्बे का युवक अपने ऊपर उड़ेलकर आत्मदाह की कोशिश कर रहा था। मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने उसे तत्काल हिरासत में ले लिया। प्रभारी एसपी नरेंद्र कुमार सिंह के पहुंचते ही एकाएक बदले घटनाक्रम की ज्यादातर लोगों को भनक तक नहीं लगी।
एसडीएम हर्रैया ने बताया कि जिस जमीन के निस्तारण का मुद्दा लेकर उसने हंगामा किया, वहां डीआईजी के निर्देश पर 15 दिन काम बंद है। मौके पर पर्याप्त पुलिस बल के साथ राजस्व टीम मौके पर पहुंची। जमीन मामले की छानबीन की गई। छावनी बाजार निवासी रमाकांत सोनी मुंबई से दो दिन पहले लखनऊ फोरलेन के किनारे स्थित जमीन का विवाद हल करने घर आया। कस्बे में मुख्य सड़क पर स्थित उस जमीन के सह खातेदारों से लंबे समय से विवाद है। उसी से संबंधित एक मामला न्यायालय में भी लंबित है। एक पट्टीदार धर्मेंद्र सोनी ने एक पखवारे पहले चहारदीवारी व मकान बनवाने लगे। मुंबई में रहे रमाकांत को सूचना मिलते ही उसने ई-मेल के जरिए डीआईजी आरके साहू से शिकायत की। डीआईजी ने तत्काल पुलिस भेज कर काम बंद करा दिया था। आरोप है कि दो दिन पहले धर्मेंद्र ने पुलिस की मिलीभगत से निर्माण करा लिया। इसे लेकर तहसील दिवस में एएसपी और एडीएम के सामने उसने खुद पर केरोसिन डाल लिया।
बिना माचिस पहुंचा आत्मदाह करने
प्रभारी एसपी नरेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि यह पूरा प्रकरण सुनियोजित साजिश का हिस्सा है। बकौल प्रभारी एसपी शांतिभंग की आशंका में उसका चालान किया गया है।
ई-मेल से की थी शिकायत
मुंबई में रमाकांत को सूचना मिली कि उसके सहखातेदार कब्जा करने पर आमादा हैं। उसने तत्काल ई-मेल के जरिए डीआईजी आरके साहू से शिकायत की। इसमें विपक्षी धर्मेंद्र सोनी निवासी छावनी पर आरोप लगाया कि रोक के बावजूद वह विवादित जमीन पर निर्माण करवा रहा है। डीआईजी ने संज्ञान लेते हुए काम रोक दिया।
महज औपचारिकता, 380 में 56 निस्तारित
बस्ती।
माह के पहले मंगलवार को हर्रैया में संपूर्ण समाधान दिवस हुआ। यहां तब अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवक न्याय न पाने से आहत होकर खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया। हालांकि, आग लगाने से पहले ही उसे पुलिस ने बचा लिया। अन्य तहसीलों में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस महज औपचारिकता में बीता। यहां कुल 380 मामलों में से महज 56 का निस्तारण हुआ, शेष में फिर तारीख पड़ गई।
सदर तहसील में सीआरओ आरडी पांडेय की अध्यक्षता में हुई। यहां बिजली, नगर पालिका, राजस्व सहित कुल 72 मामले आए, जिसमें से आठ का निस्तारण हो सका। इस मौके पर एसडीएम सदर हरिश्चंद्र सिंह व तहसीलदार सदर अनिल कुमार ने फरियादियों की सुनीं।
हर्रैया प्रतिनिधि के अनुुसार समाधान दिवस में कुल 186 मामले आए। इसमें से 32 का मौके पर ही निस्तारण हुआ। अध्यक्ष डीएम सुशील कुमार मौर्य ने किया। डीएम ने संपूूर्ण समाधान दिवस में आने वाली शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। संपूर्ण समाधान दिवस में पीओ डूडा, डीआईओएस तथा डीएफओ अनुपस्थित रहे। डीएम ने कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। यहां राजस्व विभाग के 94, पुलिस विभाग के 32, विकास विभाग के 36, गन्ना विभाग के 14 और विद्युत विभाग के 10 मामले आए। इस मौके पर एसडीएम हर्रैया दिनेश कुमार, तहसीलदार नवीन प्रसाद, नायब तहसीलदार विजय कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
रुधौली में आयोजित दिवस में कुल 62 मामले पंजीकृत हुए, जिसमें से छह का निस्तारण हुआ। शेष मामलों में फरियादियों को तारीख मिल गई, जिससे वे निराश होकर लौट गए। यहां एसडीएम कीर्ति प्रकाश भारती ने संपूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता की, जबकि तहसीलदार रमेश कुमार गौड़ के साथ फरियादियों की सुनीं।
भानपुर प्रतिनिधि के अनुसार सम्पूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता सीडीओ अरविन्द कुमार पांडेय ने किया। कुल साठ मामलों का पंजीकरण हुआ, जिसमें से महज दस का निस्तारण हो सका। सीडीओ ने संपूर्ण समाधान दिवस में आने वाले मामलों का समय से निस्तारण किए जाने के निर्देश दिए। इस मौके पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम अमनदीप डुली व तहसीलदार जसीम अहमद के साथ अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।